Waaree Energies ने गुजरात पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (GPCB) के बंद करने के आदेश पर स्पष्टीकरण दिया है। कंपनी ने साफ किया कि नवसारी प्लांट पर कभी कामकाज बंद नहीं हुआ और ऑपरेशंस पूरी तरह चालू हैं।
क्या है पूरा मामला?
Waaree Energies ने बाजार को जानकारी दी है कि उनके नवसारी स्थित सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को लेकर GPCB की ओर से जो क्लोजर (बंद करने का) आदेश मिला था, वह कभी लागू ही नहीं हुआ। कंपनी ने जरूरी सुधार करते हुए इसे सफलतापूर्वक सुलझा लिया है।
फाइनेंशियल इम्पैक्ट (Financial Impact)
इस मामले में कंपनी पर कुल ₹0.17 करोड़ का आर्थिक बोझ पड़ा है। इसमें ₹0.09 करोड़ का एन्वायरमेंट डैमेज कॉम्पेंसेशन और ₹0.08 करोड़ की बैंक गारंटी शामिल है। कंपनी का कहना है कि यह राशि उनके कुल फाइनेंशियल हेल्थ के मुकाबले बहुत कम है।
ऑपरेशंस और गवर्नेंस में सुधार
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि प्लांट का काम कहीं नहीं रुका। हालांकि, कंपनी ने माना कि शुरुआत में यह मुद्दा केवल प्लांट लेवल पर ही हैंडल किया गया, जिससे डिस्क्लोजर में देरी हुई। इसे ठीक करने के लिए कंपनी ने अब अपनी इंटरनल रिपोर्टिंग प्रोटोकॉल को और मजबूत कर दिया है, ताकि भविष्य में एक्सचेंज नॉर्म्स का पूरा पालन हो सके।
आगे की राह
फिलहाल, कंपनी का फोकस दिसंबर 2026 तक GPCB की सभी शर्तों को पूरा करने पर है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी कैसे परमानेंट रिवोकेशन (स्थायी तौर पर आदेश रद्द) हासिल करती है।
