Vikran Engineering को ₹3,517 करोड़ का बड़ा ऑर्डर, 969 MW सोलर प्रोजेक्ट पर काम करेगी कंपनी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Vikran Engineering को ₹3,517 करोड़ का बड़ा ऑर्डर, 969 MW सोलर प्रोजेक्ट पर काम करेगी कंपनी

Vikran Engineering के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी को ₹3,517.98 करोड़ का एक नया टर्नकी EPC कॉन्ट्रैक्ट मिला है, जो 969 MW AC सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए है। यह ऑर्डर पहले कैंसल हुए एक सौदे की जगह लेगा, जिसके तहत कंपनी अब अपनी सब्सिडियरी के जरिए सीधे प्रोजेक्ट को संभालेगी।

₹3,517 करोड़ का नया सोलर प्रोजेक्ट

Vikran Engineering Ltd ने घोषणा की है कि उसे अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी, NOPL Solar Projects Private Limited, के लिए 969 MW AC सोलर PV प्रोजेक्ट का एक नया टर्नकी EPC कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस प्रोजेक्ट की कुल वैल्यू ₹3,517.98 करोड़ है और इसे अगले 12 महीनों के अंदर पूरा किया जाना है।

पुरानी डील हुई कैंसिल

यह नया ऑर्डर, Onix Renewable Limited के साथ पहले हुए 600 MW के प्रोजेक्ट के लिए ₹2,035.26 करोड़ के सौदे को रिप्लेस करेगा। दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से इस पुराने सौदे को रद्द कर दिया है। पुराने सौदे के तहत ₹388.67 करोड़ का काम शुरू हो गया था, और बची हुई राशि ₹1,893.26 करोड़ थी, जिसे अब नए कॉन्ट्रैक्ट में शामिल कर लिया गया है।

कंपनी के लिए क्यों है अहम?

यह कदम कंपनी के लिए वर्टिकल इंटीग्रेशन (Vertical Integration) की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे अब वह सब्सिडियरी के जरिए सीधे प्रोजेक्ट्स को संभालेगी। प्रोजेक्ट का दायरा 600 MW से बढ़कर 969 MW होना और ऑर्डर का बड़ा मूल्य, रिन्यूएबल एनर्जी EPC सेक्टर में Vikran Engineering की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। कंपनी के मैनेजमेंट ने साफ किया है कि यह बदलाव सिर्फ प्रशासनिक और रणनीतिक है, प्रदर्शन या विवाद से जुड़ा कोई मसला नहीं है।

आगे क्या होगा?

कंपनी अब NOPL के जरिए बड़े 969 MW प्रोजेक्ट को सीधे तौर पर एग्जीक्यूट करेगी। इस इंटीग्रेशन से ऑपरेशन्स (Operations) में सुगमता आने और एग्जीक्यूशन (Execution) पर बेहतर निगरानी की उम्मीद है। अब कंपनी का पूरा फोकस 12 महीने की तय समय-सीमा में इस बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने पर रहेगा।

जोखिम पर नजर

निवेशकों को कंपनी की एग्जीक्यूशन (Execution) क्षमताओं पर नजर रखनी चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि 969 MW का प्रोजेक्ट 12 महीने की अवधि में सफलतापूर्वक पूरा हो जाए। किसी भी तरह की देरी से रेवेन्यू (Revenue) और प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) पर असर पड़ सकता है।

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