Vikram Solar ने अपने **9-GW** क्षमता वाले N-type TOPCon सोलर सेल प्लांट को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। तमिलनाडु में स्थित यह प्लांट दिसंबर **2026** तक प्रोडक्शन शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जो भारत की सोलर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को नई रफ्तार देगा।
सोलर मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा कदम
Vikram Solar ने तमिलनाडु के गंगाइकोंडन में अपने 9-GW के N-type TOPCon सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के काम को लेकर जानकारी दी है। यह प्लांट कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी VSL Green Power द्वारा 200 एकड़ में विकसित किया जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य अब केवल मॉड्यूल बनाने तक सीमित न रहकर एक पूरी तरह से इंटीग्रेटेड प्लेयर बनने का है।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
देश में सोलर सेल्स के घरेलू उत्पादन से इंपोर्ट पर निर्भरता कम होगी। यह कदम सरकार के महत्वाकांक्षी PM Surya Ghar और PM-KUSUM जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है। कंपनी की कोशिश ALMM List-II सर्टिफिकेशन हासिल करने की भी है, जिससे बाजार में इनके प्रोडक्ट्स की स्वीकार्यता और बढ़ेगी।
भविष्य का रोडमैप और चुनौतियां
गंगाइकोंडन कैंपस को एक इंटीग्रेटेड हब के रूप में तैयार किया जा रहा है। कंपनी ने अगस्त 2026 में ही 6-GW का मॉड्यूल प्लांट शुरू कर दिया है। इसके बाद FY29 में 9-GW की इनगॉट (Ingot) और वेफर (Wafer) प्रोडक्शन की तीसरी योजना है। हालांकि, इतने बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए एग्जीक्यूशन रिस्क पर नजर रखना निवेशकों के लिए जरूरी होगा, खासकर फेज-दर-फेज बढ़ रही ऑपरेशन्स की जटिलता के बीच।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को मुख्य रूप से दिसंबर 2026 के प्रोडक्शन टारगेट और ALMM सर्टिफिकेशन अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए।
