Times Green Energy अब रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में कदम रखने जा रही है। कंपनी विंड, सोलर और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स पर फोकस करेगी। साथ ही, शेयरधारकों की मंजूरी से **100 करोड़ रुपये** तक जुटाने की योजना है।
Times Green Energy का रिन्यूएबल सेक्टर में बड़ा दांव, जुटाएगी ₹100 करोड़
Times Green Energy (India) Ltd के बोर्ड ने रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में एक बड़ा विस्तार करने की मंजूरी दे दी है। कंपनी अब विंड, सोलर और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स पर काम करेगी। इसके साथ ही, कंपनी 100 करोड़ रुपये तक इक्विटी कैपिटल जुटाने का प्रस्ताव भी लाई है, जिसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार है।
क्या हुआ?
18 अगस्त 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में, Times Green Energy ने अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MOA) में बदलाव को मंजूरी दी। अब कंपनी विंड, सोलर और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ एनर्जी स्टोरेज और ट्रांसमिशन के क्षेत्र में भी काम कर सकेगी।
इसके अलावा, बोर्ड ने 100 करोड़ रुपये तक का फंड जुटाने की योजना को भी हरी झंडी दे दी। यह फंड पब्लिक इश्यू, राइट्स इश्यू या क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) के जरिए लाया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी मिलना जरूरी होगा।
बोर्ड में कुछ अहम नियुक्तियां और इस्तीफे भी हुए हैं। सुश्री शीज़ा अब्बास को एडिशनल डायरेक्टर (नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट) नियुक्त किया गया है, जबकि श्री रामकृष्ण अवधनम को एडिशनल डायरेक्टर (होल-टाइम डायरेक्टर) बनाया गया है। वहीं, श्री भम्बल राम मीणा और सुश्री श्रीपति सुशीला ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
कंपनी ने M/s. TRAK and Associates को अगले 5 साल के लिए, यानी 16वीं AGM से 20वीं AGM (2030 तक) के लिए अपना स्टेट्यूटरी ऑडिटर भी नियुक्त किया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह कदम Times Green Energy को तेजी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट का फायदा उठाने का मौका देगा। फंड जुटाने की योजना से यह साफ है कि कंपनी इस सेक्टर में विस्तार और डेवलपमेंट के लिए तैयार है। लीडरशिप में बदलाव और ऑडिटर की नियुक्ति से कंपनी के गवर्नेंस में मजबूती आने की उम्मीद है।
आगे क्या?
अब कंपनी आधिकारिक तौर पर रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू कर सकती है। निवेशकों को आने वाली AGM का इंतजार करना चाहिए, जहां MOA में बदलाव, फंड जुटाने की योजना और डायरेक्टर्स की नियुक्तियों पर वोटिंग होगी।
जोखिम
इस कदम से जुड़े मुख्य जोखिमों में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स का सफल कार्यान्वयन, रेगुलेटरी माहौल को नेविगेट करना और 100 करोड़ रुपये के फंड जुटाने से होने वाले संभावित इक्विटी डाइल्यूशन का असर शामिल है। शेयरधारकों की मंजूरी मिलना भी एक अहम पहलू है।
