Tata Power की सब्सिडियरी TPREL ने Q2 FY27 में **419 MW** की नई क्षमता शुरू की है, जो पिछले साल की तुलना में **130%** अधिक है। कंपनी का मौजूदा पोर्टफोलियो **7.2 GW** तक पहुंच गया है और मैनेजमेंट ने **FY28** तक इसे **12 GW** करने का रोडमैप तैयार किया है।
शानदार परफॉर्मेंस के पीछे की कहानी
Tata Power Renewable Energy Limited (TPREL) ने इस तिमाही में अपनी ऑपरेशनल रफ्तार को जबरदस्त तरीके से बढ़ाया है। कंपनी ने Q2 FY27 के दौरान 419 MW की नई क्षमता चालू की है, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह आंकड़ा सिर्फ 182 MW था। चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (H1) में कुल 645 MW के यूटिलिटी-स्केल प्रोजेक्ट्स और 161.2 MWhr की स्टोरेज क्षमता को ऑपरेशनल कर दिया गया है।
प्रमुख प्रोजेक्ट्स और विस्तार
कंपनी ने हाल ही में कई बड़े प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं, जिनमें 100.8 MW का Jewali विंड प्रोजेक्ट और 227.5 MW का Kalasar FDRE सोलर प्रोजेक्ट शामिल है। Kalasar प्रोजेक्ट की खासियत यह है कि इसमें 101.2 MWhr का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) भी जुड़ा है। इसके अलावा, 100 MW का Kayathar कैप्टिव प्रोजेक्ट और Tata Steel के लिए 72.5 MW का प्रोजेक्ट भी चालू हो चुका है।
आगे का रोडमैप और चुनौतियां
मैनेजमेंट ने अपनी ग्रोथ को लेकर आक्रामक रणनीति अपनाई है। कंपनी को उम्मीद है कि H2 FY27 में 2 GW से अधिक के प्रोजेक्ट्स शुरू हो जाएंगे, जिसमें सोलर, विंड और स्टोरेज का मिक्स शामिल है। इससे FY27 के अंत तक कुल क्षमता 9.3 GW तक पहुंच सकती है। हालांकि, निवेशकों को सप्लाई चेन में दिक्कतें, जमीन अधिग्रहण की अड़चनें और प्रोजेक्ट में देरी जैसी चुनौतियों पर भी नजर रखनी होगी।
अगले कुछ महीनों में कंपनी H2 FY27 के 2 GW के लक्ष्य को कितनी तेजी से पूरा करती है, यह स्टॉक की चाल के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रिगर साबित होगा।
