Swelect Energy Systems अपनी सब्सिडियरी के जरिए Gridnex Solar Power में ₹4.31 करोड़ में 49% हिस्सेदारी हासिल करने जा रही है। इस डील से PM KUSUM योजना के तहत 80 MW सोलर क्षमता जुड़ेगी।
Swelect Energy Systems की Gridnex Solar Power में 49% हिस्सेदारी का अधिग्रहण
SWELECT Energy Systems Limited ने Gridnex Solar Power Private Limited में 49% इक्विटी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने के लिए एक समझौते की घोषणा की है। यह अधिग्रहण कंपनी की पूरी तरह से स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, SWELECT SolarKraft Private Limited के माध्यम से किया जाएगा। इस डील की कुल कीमत ₹4.31 करोड़ है।
यह क्यों मायने रखता है?
कंपनी के मैनेजमेंट का मानना है कि इस अधिग्रहण से लंबे समय में कंपनी के कंसोलिडेटेड टर्नओवर (Consolidated Turnover) में वृद्धि होगी। हालांकि, Apollo Green Energy Limited मेजॉरिटी शेयरहोल्डर बनी रहेगी, जिसका मतलब है कि Swelect Energy Systems का Gridnex Solar Power पर पूरा कंट्रोल नहीं होगा।
डील की पृष्ठभूमि
Gridnex Solar Power Private Limited, PM KUSUM पहल के तहत 'सूर्या मित्र कृषि फीडर्स स्कीम' (Surya Mitra Krishi Feeders Scheme) का हिस्सा, 80 MW की ग्रिड-कनेक्टेड सोलर पीवी पावर प्लांट्स (Solar PV Power Plants) विकसित कर रही है। इस प्रोजेक्ट से उत्पन्न बिजली को मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) को बेचा जाएगा।
आगे क्या?
इस अधिग्रहण से Swelect Energy Systems सरकारी योजनाओं द्वारा समर्थित बड़े पैमाने के सोलर प्रोजेक्ट्स में भाग ले सकेगी। यह कंपनी को 80 MW की सोलर पाइपलाइन में एक्सपोजर (Exposure) देगा, बिना पूरा नियंत्रण या वित्तीय जिम्मेदारी लिए।
जोखिम पर नज़र
- ग्रीनफील्ड एग्जीक्यूशन रिस्क (Greenfield Execution Risk): Gridnex Solar Power अभी प्री-ऑपरेशनल (Pre-operational) है और मार्च 2026 में शामिल की गई थी। प्रोजेक्ट्स के कमीशनिंग (Commissioning) की समय-सीमा पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।
- शुरुआती चरण के फाइनेंशियल (Early-Stage Financials): लक्षित कंपनी का कोई पिछला टर्नओवर या मुनाफा नहीं है। भविष्य का वित्तीय योगदान पूरी तरह से 80 MW क्षमता के सफल विकास और संचालन पर निर्भर करेगा।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को प्रोजेक्ट डेवलपमेंट की प्रगति, 80 MW सोलर प्लांट्स के कमीशनिंग शेड्यूल और कमीशनिंग के बाद Gridnex Solar Power के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए।
