Sterling and Wilson Renewable Energy को जयपुर CGST अथॉरिटी से **₹27.72 करोड़** का टैक्स डिमांड नोटिस मिला है। हालांकि, कंपनी ने राहत देते हुए कहा है कि प्रमोटर्स के साथ मौजूद एग्रीमेंट के कारण उनके ऑपरेशंस पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
टैक्स विभाग का आदेश क्या है?
जयपुर के एडिशनल कमिश्नर ऑफ CGST ने Sterling and Wilson Renewable Energy को यह नोटिस जारी किया है। यह मामला नवंबर 2020 से नवंबर 2021 के बीच की अवधि का है। अथॉरिटी ने ₹13.86 करोड़ की टैक्स शॉर्टफॉल और उतनी ही राशि यानी ₹13.86 करोड़ की पेनल्टी लगाई है। इस तरह ब्याज समेत कुल डिमांड ₹27.72 करोड़ पर पहुंच गई है।
निवेशकों के लिए राहत की बात
आमतौर पर इतने बड़े टैक्स डिमांड का असर शेयर की कीमतों और कैश फ्लो पर पड़ता है, लेकिन कंपनी ने साफ कर दिया है कि इससे उनके कामकाज पर कोई 'मटेरियल इम्पैक्ट' नहीं होगा। इसके पीछे का कारण कंपनी और उसके प्रमोटर्स के बीच हुआ एक 'इंडेम्निटी एग्रीमेंट' (Indemnity Agreement) है। इस समझौते के तहत टैक्स से जुड़ी एक बड़ी जिम्मेदारी प्रमोटर्स खुद उठाएंगे, जिससे कंपनी का फाइनेंशियल बोझ कम हो जाएगा।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल मैनेजमेंट इस ऑर्डर का बारीकी से अध्ययन कर रहा है। कंपनी के पास अब विकल्प है कि या तो वे इस फैसले को चुनौती दें या फिर अपील फाइल करें। शेयरधारकों को नजर रखनी होगी कि क्या कंपनी इस नोटिस के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाती है या इंडेम्निटी क्लॉज का इस्तेमाल करती है।
