Starlineps Enterprises ने ग्रीन एनर्जी सेक्टर में कदम रखते हुए, सोलर सेल बनाने वाली नई कंपनी Celloraa Energy में **50%** हिस्सेदारी **₹160 करोड़** में खरीदने का ऐलान किया है। इस डील से कंपनी का बिजनेस डाइवर्सिफाई होगा, लेकिन Celloraa Energy के शुरुआती दौर में होने के कारण कुछ एग्जीक्यूशन रिस्क भी हैं।
Starlineps Enterprises का बड़ा दांव
Starlineps Enterprises Limited ने Celloraa Energy Private Limited में 50% इक्विटी हिस्सेदारी के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। इस सौदे के लिए कंपनी ₹160 करोड़ का नकद भुगतान करेगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह डील?
यह अधिग्रहण Starlineps Enterprises के लिए रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर, खास तौर पर सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग में एक बड़ा कदम है। कंपनी ग्रीन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर में विस्तार करके अपने बिजनेस को डाइवर्सिफाई करने की योजना बना रही है।
कंपनी की बैकस्टोरी
Celloraa Energy Private Limited की स्थापना 6 फरवरी 2026 को हुई थी और यह फिलहाल सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने की प्रक्रिया में है। कंपनी की शुरुआत में 1.2 GW की क्षमता स्थापित करने की योजना है, जिसके लिए वह जर्मन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगी। भविष्य में इसे 2.4 GW तक ले जाने का भी लक्ष्य है।
आगे क्या होगा?
यह डील रेगुलेटरी और शेयरहोल्डर की मंजूरी के अधीन है और उम्मीद है कि अगले 12 महीनों में पूरी हो जाएगी। इस अधिग्रहण के बाद Starlineps Energy, नई सोलर मैन्युफैक्चरिंग स्पेस में 50% हिस्सेदारी के साथ अपनी मजबूत पकड़ बनाएगी।
जोखिमों पर नज़र
इस डील में एग्जीक्यूशन रिस्क शामिल है, क्योंकि Celloraa Energy एक नई इनकॉर्पोरेटेड कंपनी है जिसका अभी कोई टर्नओवर नहीं है। ट्रांज़ैक्शन रिस्क भी है, क्योंकि डील का पूरा होना कुछ सामान्य शर्तों और मंजूरियों पर निर्भर करेगा।
कंपनी के आंकड़े
इस डील में ₹160 करोड़ का निवेश 50% हिस्सेदारी के लिए किया जा रहा है। टारगेट कंपनी की शुरुआती क्षमता 1.2 GW रखने की योजना है, जिसे बाद में 2.4 GW तक ले जाया जाएगा। प्रति शेयर लागत ₹64,000 है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों को रेगुलेटरी और शेयरहोल्डर की मंजूरियों की प्रगति पर नज़र रखनी चाहिए। साथ ही 1.2 GW की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के कंस्ट्रक्शन और कमीशनिंग की जानकारी और 2.4 GW तक विस्तार की योजनाओं पर भी ध्यान देना अहम होगा।
