अपनी 12वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में Solex Energy ने **₹4,000 करोड़** के बड़े निवेश प्लान का खुलासा किया है। कंपनी अब सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग से आगे बढ़कर एक इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी प्लेयर बनने की तैयारी में है।
ग्रोथ का रोडमैप और बड़े लक्ष्य
Solex Energy ने अपनी 12वीं AGM में भविष्य की एक आक्रामक रणनीति पेश की है। कंपनी का लक्ष्य FY30 तक एक बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्लेटफार्म के रूप में खुद को स्थापित करना है। इस विस्तार के तहत कंपनी FY29 तक 5.2 GW की सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और 10 GWh का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बना रही है।
क्यों है यह निवेश महत्वपूर्ण?
यह कदम कंपनी के बिजनेस मॉडल में एक बड़ा बदलाव लेकर आएगा। सप्लाई चेन पर नियंत्रण पाने और स्टोरेज मार्केट में कदम रखने से Solex Energy के मार्जिन में सुधार होने की उम्मीद है। वर्तमान में कंपनी के पास ₹3,400 करोड़ से ज्यादा का मजबूत ऑर्डर बुक है, जो इसके कामकाज को मजबूती दे रहा है। बता दें कि FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 143.9% बढ़कर ₹1,621.1 करोड़ रहा था, जबकि EBITDA ₹186.7 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹98.3 करोड़ दर्ज किया गया था। कंपनी का मैनेजमेंट अब FY28 तक ₹4,500 करोड़ से अधिक का रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां
इतने बड़े पैमाने पर ₹4,000 करोड़ का कैपेक्स (Capex) करना आसान नहीं है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क 'एग्जीक्यूशन' का है। कंपनी को यह देखना होगा कि वह बैलेंस शीट पर दबाव डाले बिना इस निवेश को कैसे अंजाम देती है। इसके अलावा, बैटरी मार्केट की नई प्रतिस्पर्धी स्थितियों और टेक्नोलॉजी के साथ तालमेल बिठाना भी एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को अब कंपनी की 2.2 GW की शुरुआती सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी के कमिशनिंग अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, यूरोप और अमेरिका में कंपनी की एक्सपोर्ट रणनीति भी भविष्य की ग्रोथ का एक बड़ा पिलर साबित होगी।
