Solarworld Energy Solutions: IPO फंड्स का बड़ा दांव, अब **2.4 GW** के सोलर प्लांट पर कंपनी की नजर

RENEWABLES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Solarworld Energy Solutions: IPO फंड्स का बड़ा दांव, अब **2.4 GW** के सोलर प्लांट पर कंपनी की नजर

Solarworld Energy Solutions ने अपनी 13वीं AGM का ऐलान किया है, जिसमें कंपनी अपने IPO फंड के इस्तेमाल में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखेगी। कंपनी अब **1.2 GW** के बजाय **2.4 GW** के बड़े सोलर प्लांट प्रोजेक्ट पर फोकस कर रही है।

स्ट्रैटेजिक बदलाव और नया रोडमैप

कंपनी अपनी 13वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) जो 30 सितंबर, 2026 को होने वाली है, उसमें एक बड़े फैसले पर वोटिंग कराएगी। मैनेजमेंट ने पांडुरना में 1.2 GW की योजना के बजाय, Rays Power Infra के साथ मिलकर नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश में 2.4 GW का 'n-type TOPCon G12R' सेल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने का फैसला किया है।

क्यों लिया गया ये फैसला?

इस बदलाव के पीछे मुख्य मकसद कैपिटल एफिशिएंसी बढ़ाना है। मैनेजमेंट के आंकड़ों के अनुसार, इस नए प्रोजेक्ट से कैपिटल इंटेंसिटी ₹480 करोड़ प्रति GW से घटकर ₹417 करोड़ प्रति GW रह जाएगी। इसके अलावा, नर्मदापुरम में बिजली की लागत ₹4.30 प्रति यूनिट होने से कंपनी को ऑपरेशंस में जबरदस्त बढ़त मिलने की उम्मीद है।

कर्ज की सीमा और अन्य प्रस्ताव

कंपनी ने कर्ज, निवेश और गारंटी की सीमा को बढ़ाकर ₹5,000 करोड़ करने का प्रस्ताव भी रखा है ताकि भविष्य में ग्रोथ के लिए फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी बनी रहे। इसके साथ ही, मंगल चंद तेलटिया को नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर दोबारा नियुक्त करने पर भी शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी।

निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)

SEBI के नियमों के मुताबिक, अगर 10% या उससे ज्यादा शेयरधारक इस फैसले के खिलाफ जाते हैं, तो प्रमोटर्स को असंतुष्ट निवेशकों के लिए एग्जिट ऑप्शन (Exit Opportunity) देना होगा। साथ ही, इतने बड़े स्केल पर प्रोजेक्ट शिफ्ट करना ऑपरेशनल और एग्जीक्यूशन रिस्क भी पैदा करता है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.