Solarium Green Energy: रेवेन्यू में **60%** का तूफानी उछाल, कंपनी ने क्यों टाला डिविडेंड?

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AuthorAditya Rao|Published at:
Solarium Green Energy: रेवेन्यू में **60%** का तूफानी उछाल, कंपनी ने क्यों टाला डिविडेंड?

Solarium Green Energy ने FY26 के लिए मजबूत नतीजे पेश किए हैं, जहां कंपनी का रेवेन्यू **60%** बढ़कर **₹368.15 करोड़** पर पहुंच गया है। कंपनी ने अहमदाबाद में **1.2 GW** की नई सोलर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू की है और विस्तार के लिए इस बार डिविडेंड न देने का फैसला लिया है।

मुनाफे का गणित और विस्तार की रणनीति

कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना रेवेन्यू पिछले साल के ₹230.08 करोड़ से बढ़ाकर ₹368.15 करोड़ कर लिया है। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) भी ₹18.59 करोड़ से बढ़कर ₹20.46 करोड़ पर आ गया है। कंपनी का पूरा फोकस फिलहाल अपने नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को रफ्तार देने पर है, जिसमें ₹90 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया है। यही कारण है कि बोर्ड ने मुनाफा होने के बावजूद इस बार निवेशकों को डिविडेंड न देने का फैसला किया है ताकि इस राशि को बिजनेस के विस्तार में लगाया जा सके।

ऑपरेशन्स पर नजर

कंपनी की ग्रोथ में बड़े EPC प्रोजेक्ट्स का बड़ा हाथ रहा है। इसके अलावा, 'Solarium Saarthi' पहल के जरिए कंपनी ने करीब 450 नए पार्टनर्स जोड़े हैं। अहमदाबाद प्लांट के शुरू होने से अब कंपनी को सप्लाई चेन को बेहतर बनाने और मार्जिन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

बोर्ड में बदलाव और अनुपालन

गवर्नेंस के मोर्चे पर, 29 मई, 2026 से श्रीमती अदिति गोयल को एडिशनल नॉन-एक्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, जबकि श्रीमती प्रिया बंसल ने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने ऑडिट से जुड़ी पुरानी चूकों को सुधारने और इंटरनल मॉनिटरिंग को सख्त करने का भरोसा भी दिया है।

आगे क्या देखें?

निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण होगा यह देखना कि अहमदाबाद प्लांट की कैपेसिटी का इस्तेमाल कंपनी कितनी कुशलता से करती है। इसके अलावा, बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स की तरफ झुकाव होने के चलते वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट और कैश फ्लो पर नजर रखना जरूरी होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.