Shekhawati Industries Ltd ने नई कंपनी Shekhawati New Energy LLP में निवेश का एलान किया है। कंपनी इसमें **5%** से लेकर **69%** तक की हिस्सेदारी खरीदेगी, जिससे वह अब ग्रीन एनर्जी और सोलर प्रोजेक्ट्स में अपने कारोबार का विस्तार करेगी।
सोलर एनर्जी में बड़ा दांव
Shekhawati Industries के बोर्ड ने 21 सितंबर, 2026 को एक सर्कुलर के जरिए इस निवेश को मंजूरी दी है। कंपनी इस नए वेंचर में 'डेजिग्नेटेड पार्टनर' के तौर पर शामिल होगी। यह पूरी डील कैश ट्रांजेक्शन के जरिए पूरी की जाएगी, हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक निवेश की कुल राशि और प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन का खुलासा नहीं किया गया है।
क्यों खास है यह कदम?
यह कदम कंपनी के लिए अपने मौजूदा कारोबार से इतर रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में नई पहचान बनाने का एक मौका है। Shekhawati New Energy LLP का मुख्य फोकस सोलर पावर जेनरेशन और ग्रीन एनर्जी सॉल्यूशंस के मैनेजमेंट पर होगा। मैनेजमेंट का मानना है कि इस पार्टनरशिप से कंपनी को प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और इनोवेशन में नई ताकत मिलेगी।
रिलेटेड-पार्टी डील और सावधानी
इस डील को 'रिलेटेड-पार्टी' ट्रांजेक्शन के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि दोनों कंपनियों के कुछ डायरेक्टर्स कॉमन हैं। हालांकि, कंपनी ने सफाई दी है कि यह सौदा 'आर्म्स लेंथ' (बाजार भाव पर) आधार पर होगा। फिलहाल, निवेशकों को यह ट्रैक करना चाहिए कि अंत में कंपनी कितनी हिस्सेदारी खरीदती है और प्रोजेक्ट्स के लिए कितना फंड जारी करती है।
आगे क्या?
अभी प्रोजेक्ट की क्षमता, लोकेशन और रेवेन्यू मॉडल को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। निवेशकों को कंपनी की तरफ से आने वाली अगली फाइलिंग पर नजर रखनी चाहिए, जिसमें इनवेस्टमेंट की राशि और प्रोजेक्ट कमीशनिंग की तारीख साफ हो पाएगी। रिन्यूएबल एनर्जी का यह सफर तभी सफल माना जाएगा जब कंपनी जमीन पर प्रोजेक्ट्स उतारना शुरू करेगी।
