Shakti Pumps: सोलर मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा दांव, सब्सिडियरी में डाले **₹10 करोड़**

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Shakti Pumps: सोलर मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा दांव, सब्सिडियरी में डाले **₹10 करोड़**

Shakti Pumps (India) ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी Shakti Energy Solutions में **₹10 करोड़** का निवेश किया है। इस फंड का इस्तेमाल मध्य प्रदेश के पीथमपुर में **2.20 GW** क्षमता वाला नया सोलर सेल और मॉड्यूल प्लांट लगाने के लिए किया जाएगा।

सोलर पावर सेक्टर में बड़ी छलांग

Shakti Pumps (India) Limited ने अपनी पूरी तरह से स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, Shakti Energy Solutions Limited (SESL) में ₹10 करोड़ की इक्विटी पूंजी लगाई है। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश के पीथमपुर में एक नया ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करना है। यह प्लांट सालाना 2.20 GW की क्षमता के साथ डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट (DCR) सोलर सेल और PV मॉड्यूल का उत्पादन करेगा।

क्यों है यह निवेश महत्वपूर्ण?

यह कदम SESL के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। अब तक यह कंपनी मुख्य रूप से सोलर स्ट्रक्चर और रूफटॉप सॉल्यूशंस पर केंद्रित थी, लेकिन अब यह सोलर कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के मुख्य बिजनेस में उतर रही है। 2.20 GW की बड़ी क्षमता हासिल करने के बाद कंपनी को बाहरी कंपनियों पर निर्भरता कम करने और अपनी सप्लाई चेन को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

फाइनेंशियल बैकग्राउंड

साल 2010 में स्थापित SESL ने पिछले कुछ वर्षों में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का टर्नओवर जो फाइनेंशियल ईयर 2024 में ₹139.59 करोड़ था, वह फाइनेंशियल ईयर 2026 तक बढ़कर ₹239.11 करोड़ तक पहुंच गया है, जो इस नए बड़े प्रोजेक्ट के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है।

निवेशकों के लिए जोखिम और आगे की राह

हालांकि यह प्रोजेक्ट भविष्य की संभावनाओं से भरपूर है, लेकिन 2.20 GW का प्लांट खड़ा करना एक कैपिटल-इंटेंसिव काम है। इसमें मशीनरी प्रोक्योरमेंट में देरी या रेगुलेटरी बाधाएं आ सकती हैं। फिलहाल निवेशकों को कंपनी द्वारा टेक्नोलॉजी पार्टनर्स की नियुक्ति और प्रोजेक्ट की समयसीमा पर पैनी नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.