Saatvik Green Energy की सब्सिडियरी, Saatvik Solar Industries ने ओडिशा के गंजम स्थित अपने **2.4 GW** सोलर सेल प्लांट के लिए ALMM लिस्ट-II में शामिल होने की अर्जी दी है। इस मंजूरी से कंपनी उन सरकारी प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बन सकेगी, जहां घरेलू मैन्युफैक्चरिंग अनिवार्य है।
मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार
कंपनी ने गंजम, ओडिशा में स्थित अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। यह फैसिलिटी मुख्य रूप से Monocrystalline Bifacial N-TOPCon G12R तकनीक वाले सोलर सेल्स बनाएगी। यह आधुनिक तकनीक वर्तमान में मार्केट में सबसे ज्यादा डिमांड में है क्योंकि यह पुराने मॉड्यूल्स की तुलना में कहीं अधिक पावर आउटपुट और एफिशिएंसी (Efficiency) देती है।
भविष्य का रोडमैप और रणनीति
ओडिशा का यह प्रोजेक्ट कंपनी की एक बहुत बड़ी योजना का हिस्सा है। एक बार पूरा हो जाने पर, इस कॉम्प्लेक्स में 4 GW की मॉड्यूल क्षमता और 6 GW की सोलर सेल क्षमता होने की उम्मीद है। फिलहाल, अंबाला, हरियाणा में कंपनी का 4.86 GW का मॉड्यूल प्लांट पहले से ही ऑपरेशनल है। इस विस्तार के साथ, कंपनी अपनी भौगोलिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात (Risks & Oversight)
फिलहाल, पूरी प्रक्रिया MNRE (Ministry of New and Renewable Energy) की अंतिम मंजूरी पर टिकी है। कंपनी की भविष्य की कमाई और सरकारी प्रोजेक्ट्स में भागीदारी पूरी तरह से इस ALMM सर्टिफिकेशन के मिलने पर निर्भर करती है। निवेशकों को मंत्रालय की आधिकारिक अधिसूचना पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि बाजार की डिमांड के अनुसार मैन्युफैक्चरिंग को स्केल करना ही इस प्रोजेक्ट की सफलता तय करेगा।
