Saatvik Green Energy ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू **₹9,026 मिलियन** पर पहुंच गया है, जो पिछली तिमाही के मुकाबले **77%** ज्यादा है। ओडिशा में **1.3 GW** की नई मॉड्यूल फैसिलिटी शुरू होने से कंपनी की कैपेसिटी और ऑर्डर बुक (**6.68 GW**) को बड़ा सपोर्ट मिला है।
मुनाफे में बड़ी उछाल
कंपनी के फाइनेंशियल आंकड़ों पर नजर डालें तो रेवेन्यू में 77% की सीक्वेंशियल ग्रोथ दर्ज की गई है, जो ₹9,026 मिलियन रही। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) जो पहली तिमाही में ₹54 मिलियन था, वह अब बढ़कर ₹202 मिलियन (₹20.2 करोड़) हो गया है।
ओडिशा प्लांट का दम
कंपनी के लिए ओडिशा के गोपालपुर में स्थित नई फैसिलिटी का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होना एक मील का पत्थर है। 1.3 GW मॉड्यूल क्षमता के साथ, कंपनी अब केवल मॉड्यूल निर्माता से हटकर एक इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरर बन रही है, जो मॉड्यूल और सेल दोनों बनाती है।
मजबूत ऑर्डर बुक
कंपनी का कुल ऑर्डर बुक 6.68 GW का है। इसमें Solar Energy Corporation of India (SECI) से मिले ₹1,041.63 करोड़ के बड़े कॉन्ट्रैक्ट और Vikran Engineering के साथ ₹476 करोड़ के सौदे शामिल हैं, जो भविष्य की कमाई के लिए बेहतर विजिबिलिटी दे रहे हैं।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks to watch)
साफ-सुथरी ग्रोथ के बावजूद, EBITDA मार्जिन एक चिंता का विषय है। यह पिछले साल की समान तिमाही के 16.45% से घटकर इस बार 7.7% पर आ गया है। निवेशकों को सेल-लाइन ऑपरेशंस के बढ़ने के साथ मार्जिन में सुधार पर बारीकी से नजर रखनी होगी। साथ ही, दिसंबर 2026 तक 4 GW की मॉड्यूल क्षमता हासिल करने और ALMM-II इंस्पेक्शन को पूरा करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती है।
आगे क्या होगा?
अब बाजार की नजरें ओडिशा में पूरी 4 GW क्षमता के ऑपरेशनल होने और 2.4 GW सेल लाइन के ट्रायल रन पर टिकी हैं। लंबी अवधि में कंपनी की वर्टिकल इंटीग्रेशन रणनीति कैसे काम करती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
