Saatvik Green Energy ने REI Expo में अपने नए Quad-Cut TOPCon 3.0 सोलर मॉड्यूल लॉन्च किए हैं। **24.8%** की जबरदस्त एफिशिएंसी और **745W** तक के आउटपुट के साथ, कंपनी का फोकस अब यूटिलिटी-स्केल प्रोजेक्ट्स पर है।
नई टेक्नोलॉजी का दम
ग्रेटर नोएडा में आयोजित रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया (REI) एक्सपो में कंपनी ने अपनी हाई-टेक टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन किया। नए मॉड्यूल में 264-सेल आर्किटेक्चर का इस्तेमाल किया गया है, जो एनर्जी लॉस को कम करने और कठिन क्लाइमेट में भी बेहतर परफॉरमेंस देने में सक्षम हैं। इन मॉड्यूल की एफिशिएंसी 24.8% है और इनका तापमान गुणांक (Temperature Coefficient) -0.26%/°C है, जो भारत जैसे गर्म देशों के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है।
भरोसे की गारंटी
कंपनी ने इन मॉड्यूल्स के साथ 30 साल की लीनियर पावर वारंटी दी है, जिसे Munich RE द्वारा इंश्योर किया गया है। यह कदम बड़े प्रोजेक्ट डेवलपर्स के लिए विश्वसनीयता को मजबूत करता है।
ओडिशा प्रोजेक्ट पर नजर
Saatvik फिलहाल अंबाला, हरियाणा में 4.86 GW की क्षमता के साथ काम कर रही है। हालांकि, कंपनी की असली चाल ओडिशा में बन रहे नए ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से है। इस प्रोजेक्ट से 4 GW की मॉड्यूल और 6 GW की सेल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता जुड़ने वाली है।
निवेशकों के लिए जोखिम
हालांकि कंपनी की ग्रोथ की योजना ठोस है, लेकिन बाजार में पहले से मौजूद पुराने पी-टाइप (P-type) मॉडल्स के मुकाबले इन्हें कितनी जल्दी अपनाया जाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। इसके अलावा, ओडिशा प्लांट का निर्माण कार्य और उसका समय पर संचालन शुरू करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती है।
