Saatvik Green Energy ने फाइनेंशियल ईयर **2026** के दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **111%** बढ़कर **₹45,484 करोड़** पर पहुंच गया है, साथ ही कंपनी ने **24 सितंबर, 2026** को अपनी **11वीं AGM** बुलाने का निर्णय लिया है।
मुनाफे में बड़ी बढ़त, लेकिन मार्जिन पर दबाव
कंपनी के ऑपरेशनल आंकड़ों पर नजर डालें तो मुनाफा (PAT) 64% की बढ़ोतरी के साथ ₹3,571 करोड़ रहा है। बैलेंस शीट काफी मजबूत हुई है, जिसमें डेट-टू-इक्विटी रेशियो 1.34x से सुधरकर 0.65x पर आ गया है। कंपनी ने इस साल 3,162 MW का रिकॉर्ड मॉड्यूल प्रोडक्शन हासिल किया है और 5.89 GW का मजबूत ऑर्डर बुक बरकरार रखा है।
भविष्य की योजनाएं और रणनीति
सितंबर 2025 में आए IPO के बाद यह कंपनी की पहली फुल-ईयर रिपोर्ट है। कंपनी अब केवल मॉड्यूल मेकर से आगे बढ़कर एक इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल प्लेयर बनने की राह पर है। इसमें Melcon Transformers का अधिग्रहण और नई बैटरी स्टोरेज सब्सिडियरी का गठन मुख्य कदम हैं।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
हालांकि कंपनी ने शानदार ग्रोथ दिखाई है, लेकिन सोलर सेल की ऊंची लागत (Procurement Costs) के कारण मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। इसी कारण कंपनी ने इस बार डिविडेंड न देने का फैसला किया है ताकि इस पूंजी को ओडिशा के 8.8 GW ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट और विस्तार कार्यों में लगाया जा सके। निवेशकों को अब कंपनी के मार्जिन स्टेबलाइजेशन और ओडिशा प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूशन पर नजर रखनी चाहिए।
