SPML Infra ने अपने इन-हाउस **104.4 kWh** के बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के लिए इंटरनेशनल सर्टिफिकेशन हासिल कर लिया है। यह कदम कंपनी के लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट है, क्योंकि अब वह EPC सेक्टर से निकलकर रिन्यूएबल एनर्जी स्टोरेज टेक्नोलॉजी में कदम रख रही है।
टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर होने की दिशा में कदम
SPML Infra अब अपनी पहचान सिर्फ एक EPC (Engineering, Procurement, and Construction) कंपनी के तौर पर नहीं, बल्कि एक टेक्नोलॉजी डेवलपर के रूप में बनाना चाहती है। कंपनी का 104.4 kWh का बैटरी पैक अब UL9540A, IEC 62619, और IEC 63056 जैसे ग्लोबल सुरक्षा मानकों पर खरा उतरा है। इसके अलावा, ट्रांसपोर्टेशन के लिए जरूरी UN38.3 स्टैंडर्ड्स भी कंपनी ने पास कर लिए हैं।
पुणे में होगा मैन्युफैक्चरिंग हब
कंपनी अपनी इस नई टेक्नोलॉजी को धरातल पर उतारने के लिए पुणे में एक डेडिकेटेड मैन्युफैक्चरिंग और इंटीग्रेशन प्लांट तैयार कर रही है। मैनेजिंग डायरेक्टर अभिनन्दन सेठी के नेतृत्व में, कंपनी का पूरा ध्यान अब रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ग्रिड-बैलेंसिंग और पीक-लोड मैनेजमेंट प्रोजेक्ट्स पर है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
सर्टिफिकेशन मिलना तकनीकी तौर पर एक बड़ी जीत है, लेकिन निवेशकों को अब कंपनी के पुणे प्लांट के कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने का इंतजार करना चाहिए। कंपनी कितनी जल्दी इन ऑर्डर्स को रेवेन्यू में बदल पाती है, वही आगे चलकर स्टॉक की चाल तय करेगा।
