Refex Renewables & Infrastructure Ltd की 32वीं AGM में सभी प्रस्ताव पास हो गए हैं। कंपनी ने बायो-गैस और रिन्यूएबल एनर्जी में बड़े विस्तार की योजना पेश की है, हालांकि FY26 में कंपनी का घाटा बढ़ा है और ऑडिट रिपोर्ट पर भी सवाल उठे हैं।
मुनाफे पर दबाव, प्रोजेक्ट्स पर जोर
Refex Renewables & Infrastructure Ltd की हालिया 32वीं AGM में कंपनी के भविष्य के रोडमैप पर चर्चा हुई। हालांकि कंपनी ने ₹42.9 करोड़ का कंसोलिडेटेड घाटा दर्ज किया है, लेकिन मैनेजमेंट का फोकस रिन्यूएबल एनर्जी के विस्तार पर बना हुआ है।
बड़े प्रोजेक्ट्स की कमान
कंपनी ने अपने कारोबार को फैलाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं:
- कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG): तमिलनाडु के सलेम, कोयंबटूर, मदुरै और त्रिची में 4 नए ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं। इसके लिए GAIL के साथ 34 टन प्रति दिन की क्षमता का एग्रीमेंट हुआ है।
- रिन्यूएबल पावर: कंपनी को SJVN और SECI की बोली के जरिए 160 MW के विंड प्रोजेक्ट्स मिले हैं। साथ ही, आंध्र प्रदेश में 100 MW के NTPC सोलर प्रोजेक्ट के लिए ग्रिड कनेक्टिविटी भी मिल गई है।
फाइनेंशियल सेहत और जोखिम
FY26 में कंपनी की परफॉर्मेंस कमजोर रही है:
- स्टैंडअलोन टर्नओवर घटकर ₹9.9 करोड़ रह गया है, जबकि घाटा बढ़कर ₹11.9 करोड़ हो गया।
- कंसोलिडेटेड टर्नओवर ₹66.5 करोड़ रहा और घाटा पिछले साल के ₹36.4 करोड़ से बढ़कर ₹42.9 करोड़ पर पहुंच गया।
निवेशकों के लिए चेतावनी
सबसे अहम बात यह है कि कंपनी के कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर स्टैच्यूटरी ऑडिटर ने 'क्वालिफाइड ओपिनियन' दिया है, जो इसकी दो सब्सिडियरी कंपनियों से संबंधित है। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी के प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और इन ऑडिट संबंधी चिंताओं पर नजर बनाए रखें, क्योंकि लंबी अवधि के लिए मुनाफे की राह अभी चुनौतीपूर्ण दिख रही है।
