Rajputana Stainless Limited ने गुजरात में अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए ₹38.92 करोड़ के निवेश की घोषणा की है। कंपनी अब विंड और सोलर पावर के जरिए अपनी बिजली की जरूरतें खुद पूरी करेगी, जिससे लंबी अवधि में लागत कम करने में मदद मिलेगी।
बिजली पर निर्भरता कम करने की तैयारी
राजपूताना स्टेनलेस ने बिजली की बढ़ती लागत और ग्रिड पर अपनी निर्भरता को कम करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने ₹38.92 करोड़ (GST को छोड़कर) का कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान तैयार किया है, जिसके तहत गुजरात में कैप्टिव विंड और सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे।
किन कंपनियों से मिला साथ?
इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने दो बड़े दिग्गजों के साथ हाथ मिलाया है:
- विंड पावर: Suzlon Energy के साथ 2.10 MW के विंड प्रोजेक्ट के लिए करार हुआ है। इसके लिए ₹16.21 करोड़ का निवेश किया जाएगा, जिसके 11 महीने में पूरा होने की उम्मीद है।
- सोलर पावर: Prozeal Green Energy के साथ 8.00 MWp के सोलर प्लांट के लिए समझौता हुआ है। इसमें ₹22.71 करोड़ खर्च होंगे और इसे अगले 4 महीने के भीतर शुरू करने का लक्ष्य है।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बिजली की लागत मुनाफा घटाने का बड़ा कारण होती है। इस कदम से कंपनी को बिजली के महंगे कमर्शियल रेट्स से सुरक्षा मिलेगी और भविष्य में मैन्युफैक्चरिंग ओवरहेड्स में गिरावट आएगी। निवेशकों को अब इन प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि काम समय पर पूरा होना ही इस निवेश की सफलता के लिए सबसे जरूरी है।
