Premier Energies की बड़ी सफलता
सोलर एनर्जी की दुनिया में Premier Energies का डंका बजा है। प्रतिष्ठित कंसल्टेंसी फर्म वुड मैकेंज़ी (Wood Mackenzie) ने अपनी 2026 की रैंकिंग में Premier Energies को भारत में तीसरे और दुनियाभर में 25वें नंबर पर रखा है। यह सिर्फ एक रैंकिंग नहीं, बल्कि कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्वालिटी और ऑपरेशनल स्केल का प्रमाण है।
'ग्रेड ए' मैन्युफैक्चरर का दर्जा
इस रिपोर्ट में Premier Energies को 'ग्रेड ए' मैन्युफैक्चरर का दर्जा भी दिया गया है। यह रैंकिंग कैपेसिटी यूटिलाइजेशन, टेक्नोलॉजिकल मैच्योरिटी, फाइनेंशियल स्ट्रेंथ, ESG परफॉरमेंस और R&D जैसे कई अहम पैमानों पर आधारित है। यह पहचान सोलर मॉड्यूल सप्लायर चुनने के लिए एक बेंचमार्क का काम करती है, जिससे Premier Energies को ग्लोबल टेंडर्स जीतने में मदद मिल सकती है।
कंपनी का विस्तार और निवेश
Premier Energies फिलहाल 11.1 GW सालाना सोलर PV मॉड्यूल बनाने की क्षमता रखती है। साथ ही, इस साल के अंत तक 10.6 GW सालाना सोलर सेल बनाने की क्षमता हासिल करने का लक्ष्य है। कंपनी ₹12,500 करोड़ का बड़ा कैपेक्स प्रोग्राम चला रही है। इस निवेश से अपस्ट्रीम सोलर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और कंपनी इनवर्टर व बैटरी जैसे क्लीन एनर्जी प्रोडक्ट्स में भी विस्तार करेगी।
आगे की राह और चुनौतियां
इस बड़ी सफलता के बावजूद, कंपनी को ₹12,500 करोड़ के कैपेक्स प्रोग्राम को सफलतापूर्वक पूरा करना होगा और नए क्लीन एनर्जी सेगमेंट्स को इंटीग्रेट करना होगा। ग्लोबल सोलर मार्केट में प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी बनी हुई है, इसलिए कंपनी को अपनी स्थिति बनाए रखने के लिए लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
