NLC India Limited की सब्सिडियरी, NLC India Renewables Limited ने उत्तर प्रदेश में **110 MW** के सोलर प्रोजेक्ट के लिए **25 साल** का लंबा पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) साइन किया है। यह प्रोजेक्ट National Capital Region Transport Corporation (NCRTC) के साथ मिलकर पूरा किया जाएगा।
मुनाफे और बिजनेस का गणित
इस प्रोजेक्ट को एक जॉइंट वेंचर कंपनी NNRL के तहत विकसित किया जा रहा है। इसमें NLC India की सब्सिडियरी की हिस्सेदारी 74% है, जबकि NCRTC के पास 26% की हिस्सेदारी रहेगी। यह एक कैप्टिव पावर प्रोजेक्ट है, जिसका मतलब है कि इसमें ऑफ-टेक रिस्क काफी कम है क्योंकि उत्पादित बिजली सीधे NCRTC की जरूरतों को पूरा करेगी। यह सालाना 180 मिलियन यूनिट (MU) बिजली जनरेट करने के लिए तैयार किया गया है।
भविष्य की राह और टाइमलाइन
कंपनी के लिए यह करार अगले 25 सालों तक एक स्थिर रेवेन्यू स्ट्रीम सुनिश्चित करता है। प्रोजेक्ट की डेडलाइन भी तय कर दी गई है। PPA साइन होने के 24 महीने के भीतर इस प्लांट को चालू (Commission) करना अनिवार्य है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
भले ही यह डील लंबी अवधि के लिए फायदेमंद दिख रही है, लेकिन निवेशकों को कंस्ट्रक्शन की गति पर नजर रखनी होगी। 24 महीने की तय सीमा में काम पूरा करना और 180 MU के सालाना उत्पादन लक्ष्य को हासिल करना कंपनी के लिए मुख्य चुनौती होगी। आने वाले समय में साइट पर काम शुरू होने और जरूरी सरकारी मंजूरियों पर निवेशकों की नजर रहनी चाहिए।
