NLC India Limited ने अपनी ग्रीन एनर्जी रणनीति को मजबूत करने के लिए **708.96 MW** रिन्यूएबल एनर्जी एसेट्स को अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, NLC India Renewables Limited (NIRL) को ट्रांसफर करने का फैसला किया है।
एसेट्स ट्रांसफर की पूरी कहानी
NLC India ने एक एडेन्डम के जरिए अपनी रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता, जिसमें 4 MW के ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं, को NIRL के हवाले करने का निर्णय लिया है। इस पूरे ट्रांसफर की नेट वर्थ ₹925.08 करोड़ है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
यह एक इंटर-कंपनी ट्रांसफर है, इसलिए कंपनी के कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल नतीजों (Earnings) पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, रिन्यूएबल एसेट्स को अलग यूनिट में रखने से कंपनी को भविष्य में ऑपरेशनल मैनेजमेंट में आसानी होगी और भविष्य में फंड जुटाने के लिए एक डेडिकेटेड प्लेटफॉर्म तैयार हो जाएगा।
ध्यान रखने वाली बातें
यह ट्रांजैक्शन पूरी तरह से बुक वैल्यू पर आधारित है और इसे अगले 3 महीनों के भीतर पूरा किया जाना है। कंपनी के कुल FY 2025-26 रेवेन्यू में इन एसेट्स की हिस्सेदारी महज 0.24% है, जो यह साफ करता है कि यह एक रणनीतिक पुनर्गठन (Restructuring) है, न कि कोई बड़ा विनिवेश (Divestment)। निवेशकों को अब कंपनी के रिन्यूएबल रोडमैप और भविष्य में होने वाली नई फंडिंग योजनाओं पर नजर रखनी चाहिए।
