NLC India Ltd अपने रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव करने जा रही है। कंपनी **2,138.96 MW** की क्षमता वाली संपत्तियों को अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी NLC India Renewables Ltd (NIRL) में **₹3,439.60 करोड़** के सौदे के तहत ट्रांसफर करेगी।
एसेट ट्रांसफर की पूरी डिटेल
इस रीस्ट्रक्चरिंग के तहत, NLC India अपने 2,138.96 MW के रिन्यूएबल पोर्टफोलियो को अपनी सब्सिडियरी NIRL को सौंपेगी। इसमें 1,783.96 MW का ऑपरेशनल प्लांट और 355 MW का निर्माणाधीन प्रोजेक्ट शामिल है। इस पूरे सौदे की वैल्यू लगभग ₹3,439.60 करोड़ आंकी गई है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
कंपनी का लक्ष्य रिन्यूएबल एनर्जी के लिए एक डेडिकेटेड प्लेटफॉर्म बनाना है। मैनेजमेंट का मानना है कि इससे कैपिटल एलोकेशन बेहतर होगा और कंपनी अलग से रिन्यूएबल टेंडर्स में भाग लेने और फंड जुटाने में सक्षम होगी। भविष्य में NIRL का IPO लाने के संकेत भी कंपनी की ओर से दिए गए हैं, जो शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉकिंग का बड़ा मौका हो सकता है।
डिविडेंड और बोर्ड अपडेट
कंपनी ने FY 2025-26 के लिए ₹0.25 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का प्रस्ताव रखा है। इंटरिम डिविडेंड को मिलाकर कुल डिविडेंड ₹3.85 प्रति शेयर होगा। इसके अलावा, बोर्ड में राजेश प्रताप सिंह सिसोदिया (डायरेक्टर- प्रोजेक्ट्स), अनिल मेश्राम और गोपाल सिंह (गवर्नमेंट नॉमिनी डायरेक्टर्स) और पूनम चंद्राकर (इंडिपेंडेंट डायरेक्टर) की नियुक्तियां भी एजेंडा में शामिल हैं।
आगे क्या रखें ध्यान?
कंपनी की 70वीं AGM 29 सितंबर, 2026 को होनी है। निवेशकों की नजर शेयरधारकों की मंजूरी और NIRL की भविष्य की पूंजी योजना (Capital Structure) पर होनी चाहिए।
