मेटल ट्रेडिंग कंपनी Maxgrow India Ltd ने रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बड़ा दांव लगाया है। कंपनी ने Hurricane Windfarms Private Limited में **74%** हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा कर लिया है, जिसके लिए करीब **₹5.83 करोड़** का कैश निवेश किया गया है।
सौदे की बारीकियाँ
Maxgrow India ने यह अधिग्रहण पूरी तरह से कैश में किया है। कंपनी ने 1,10,999 शेयर ₹525 प्रति शेयर के भाव पर खरीदे हैं। इस डील के बाद Hurricane Windfarms Private Limited (HWPL) अब Maxgrow India की सब्सिडियरी कंपनी बन गई है।
क्यों है यह रणनीतिक बदलाव?
पारंपरिक तौर पर मेटल ट्रेडिंग में सक्रिय Maxgrow India अब विंडमिल पावर जेनरेशन के जरिए अपने बिजनेस को डायवर्सिफाई कर रही है। मैनेजमेंट का लक्ष्य है कि मौजूदा क्लाइंट बेस के साथ तालमेल बिठाकर ऑपरेशनल एफिशिएंसी को सुधारा जाए और कंपनी की आय के नए जरिए बनाए जाएं।
फाइनेंशियल हेल्थ और ग्रोथ
अगर HWPL के ट्रैक रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो कंपनी की परफॉर्मेंस लगातार बेहतर हो रही है। कंपनी का टर्नओवर FY24 में ₹210.31 लाख, FY25 में ₹215.33 लाख और FY26 में बढ़कर ₹269.12 लाख तक पहुंच गया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह डील किसी भी 'रिलेटेड पार्टी' ट्रांजेक्शन के दायरे में नहीं आती है और इसके लिए किसी विशेष सरकारी मंजूरी की जरूरत नहीं पड़ी।
निवेशकों के लिए जोखिम और आगे की राह
मेटल ट्रेडिंग से पावर सेक्टर में जाना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि दोनों का कामकाज बिल्कुल अलग है। ऐसे में कंपनी के लिए ऑपरेशनल एग्जीक्यूशन सबसे बड़ा इम्तिहान होगा। अब निवेशकों की नजरें अगली तिमाही के नतीजों पर रहेंगी, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि विंड फार्म का यह नया वर्टिकल कंपनी के मार्जिन और मुनाफे को कैसे प्रभावित करता है।
