Maharashtra Scooters Ltd अब Bajaj Nivesh Limited के नाम से जानी जाएगी। कंपनी अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव करते हुए रिन्यूएबल एनर्जी (सौर और पवन ऊर्जा) के क्षेत्र में एंट्री की तैयारी कर रही है, जिसके लिए शेयरहोल्डर्स से मंजूरी मांगी गई है।
अब एक नई पहचान की ओर
कंपनी ने अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में बदलाव के लिए पोस्टल बैलट प्रक्रिया शुरू कर दी है। Bajaj Nivesh Limited के रूप में रीब्रांडिंग का मुख्य उद्देश्य इसे अपनी वर्तमान भूमिका यानी एक 'अन-रजिस्टर्ड कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी' (CIC) के साथ जोड़ना है। इसका नाम पहले ही सेंट्रल रजिस्ट्रेशन सेंटर से रिजर्व कराया जा चुका है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
यह बदलाव कंपनी के इतिहास में एक बड़े अध्याय का अंत है। कंपनी ने 2006 में ही स्कूटर निर्माण का काम बंद कर दिया था। अब कंपनी अपने रेगुलेटरी प्रोफाइल को साफ करते हुए मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी पुरानी क्लॉज को हटा रही है। इसके बजाय, अब कंपनी के ऑब्जेक्ट क्लॉज में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को शामिल किया गया है, जो कंपनी के भविष्य के लिए एक बड़ा दांव है।
ऑडिटर्स की पुष्टि और स्ट्रैटेजी
KKC & Associates LLP ने पुष्टि की है कि कंपनी का 50% से ज्यादा रेवेन्यू अब इन्वेस्टमेंट एक्टिविटीज से आ रहा है। इस रीब्रांडिंग के बाद, कंपनी अपना पूरा फोकस अपने इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो को संभालने और सौर व पवन ऊर्जा के मौकों को तलाशने पर करेगी।
इन्वेस्टर्स के लिए जरूरी जानकारी
शेयरहोल्डर्स के पास 29 अगस्त से 27 सितंबर, 2026 तक रिमोट ई-वोटिंग के जरिए अपनी सहमति देने का मौका है। वोटिंग 27 सितंबर, 2026 की शाम 5:00 बजे तक खुली रहेगी। यह कदम दर्शाता है कि कंपनी अब दो दशक पहले के मैन्युफैक्चरिंग मॉडल से पूरी तरह निकलकर एक नए निवेश और एनर्जी-आधारित भविष्य की ओर बढ़ रही है।
