Lexora Global 41st AGM: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में कदम रखते ही कंपनी मुनाफे में, 29 सितंबर को होगी बैठक

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AuthorMehul Desai|Published at:
Lexora Global 41st AGM: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में कदम रखते ही कंपनी मुनाफे में, 29 सितंबर को होगी बैठक

Lexora Global Ltd (पहले Yash Trading and Finance) अपनी 41वीं AGM **29 सितंबर 2026** को आयोजित करने जा रही है। कंपनी ने Solarfusion Renewables के अधिग्रहण के साथ रिन्यूएबल एनर्जी में एंट्री की है, जिससे उसे **₹0.14 करोड़** का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट हुआ है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा

कंपनी ने ऑपरेशंस से कुल ₹19.45 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में शिफ्ट होने के बाद, कंपनी ने ₹0.14 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट कमाया है, जो पिछले साल के घाटे के मुकाबले एक बड़ा बदलाव है। हालांकि, स्टैंडअलोन बिजनेस अभी भी संघर्ष कर रहा है और उसने ₹0.25 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है।

AGM का एजेंडा

कंपनी ने अपनी 41वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बुलाने का फैसला किया है। इसमें FY 2025-26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी दी जाएगी। इसके अलावा, डायरेक्टर Manan Pavankumar Trivedi की दोबारा नियुक्ति और M/s Jitesh Patel & Associates को सेक्रेटेरियल ऑडिटर के रूप में नियुक्त करने पर चर्चा होगी।

निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks to Watch)

कंपनी के अच्छे मुनाफे के बावजूद निवेशकों को कुछ मोर्चों पर सतर्क रहने की जरूरत है:

  • रेगुलेटरी पेच: सेक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट में प्रमोटर की 100% होल्डिंग डीमैट फॉर्म में न होने को लेकर नियमों के पालन में चूक (Non-compliance) की बात कही गई है।
  • फाइलिंग में देरी: Registrar of Companies (ROC) के पास जरूरी फॉर्म जमा करने में भी देरी देखी गई है।

कंपनी अब रिन्यूएबल एनर्जी के जरिए अपनी पुरानी ट्रेडिंग विरासत से बाहर निकलने की कोशिश कर रही है, लेकिन असली परीक्षा इन रेगुलेटरी उलझनों को सुलझाने और बिजनेस को स्केल करने की होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.