KPI Green Energy को गुजरात में **110.2 MW** का विंड-सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्ट हासिल हुआ है। कंपनी को यह ऑर्डर 'ग्रुप कैप्टिव' मॉडल के तहत मिला है, जो अगले **25** सालों तक कंपनी के लिए रेवेन्यू का एक स्थिर जरिया बनेगा।
क्या है पूरा मामला?
कंपनी ने गुजरात में एक डोमेस्टिक प्राइवेट क्लाइंट के लिए विंड-सोलर हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट बनाने का Letter of Intent (LOI) हासिल किया है। इस प्रोजेक्ट की कुल क्षमता 110.2 MW है, जिसमें 33.6 MW विंड और 76.6 MW सोलर क्षमता शामिल है। यह पूरा प्रोजेक्ट 'ग्रुप कैप्टिव' फ्रेमवर्क के तहत विकसित किया जाएगा।
लॉन्ग-टर्म विजिबिलिटी का फायदा
यह डील कंपनी के लिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे Commercial and Industrial (C&I) सेगमेंट में कंपनी की स्थिति और मजबूत होगी। बतौर इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर (IPP), कंपनी ने 25 साल का एग्रीमेंट साइन किया है, जिससे भविष्य के कैश फ्लो में स्थिरता आएगी।
समय सीमा और रिस्क फैक्टर
कंपनी को अब इस प्रोजेक्ट की प्लानिंग से लेकर कंस्ट्रक्शन और कमीशनिंग तक की पूरी जिम्मेदारी निभानी होगी। प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 14 महीने का समय तय किया गया है और इसे 31 दिसंबर 2027 तक पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
हालांकि, निवेशकों को 'एक्जीक्यूशन रिस्क' (Execution Risk) पर नजर रखनी चाहिए। प्रोजेक्ट की रफ्तार Stage-2 कनेक्टिविटी मिलने पर निर्भर करेगी, इसलिए आने वाले क्वार्टरली अपडेट्स में कंपनी के कामकाज की प्रोग्रेस रिपोर्ट देखना बेहद जरूरी होगा।
