KPI Green Energy शेयर: रेवेन्यू बढ़ा, पर मुनाफे में गिरावट! जानिए वजह

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AuthorNeha Patil|Published at:
KPI Green Energy शेयर: रेवेन्यू बढ़ा, पर मुनाफे में गिरावट! जानिए वजह

KPI Green Energy ने Q1 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **15.1%** बढ़कर **₹693.84 करोड़** हो गया, लेकिन नेट प्रॉफिट **14.9%** घटकर **₹94.63 करोड़** पर आ गया। हालांकि, कंपनी को NTPC से **₹621 करोड़** का 500 MW का बड़ा ऑर्डर मिला है।

KPI Green Energy के नतीजे: रेवेन्यू में उछाल, मुनाफे पर दबाव

KPI Green Energy ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने कंसोलिडेटेड नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने ₹693.84 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹602.94 करोड़ की तुलना में 15.1% की बढ़ोतरी है।

लेकिन, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 14.9% गिरकर ₹94.63 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹111.32 करोड़ था। इसी तरह, प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) भी ₹149.20 करोड़ से घटकर ₹130.87 करोड़ हो गया।

क्यों आई मुनाफे में गिरावट?

कंपनी के नतीजों में मिश्रित तस्वीर दिख रही है। जहां टॉप-लाइन यानी रेवेन्यू में मजबूत ग्रोथ दिख रही है, वहीं प्रॉफिट में गिरावट बाहरी लागतों के दबाव को दर्शाती है। इसमें ग्लोबल भू-राजनीतिक कारक, सोलर मॉड्यूल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डेप्रिसिएशन (Depreciation) व फाइनेंसिंग कॉस्ट (Financing Costs) में बढ़ोतरी शामिल है।

कंपनी के बैकग्राउंड और नए ऑर्डर

KPI Green Energy अपने प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है। कंपनी ने हाल ही में कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited) के लिए 200 MW का सोलर प्लांट चालू किया है और महाराष्ट्र में 100 MW के प्रोजेक्ट के लिए चार्जिंग अनुमति भी प्राप्त की है। उनके बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) पोर्टफोलियो का दायरा बढ़कर 565 MW / 1,130 MWh हो गया है।

सबसे बड़ी खबर यह है कि कंपनी ने NTPC रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (NTPC Renewable Energy Limited) से राजस्थान के बीकानेर में 500 MW सोलर पीवी प्रोजेक्ट के लिए ₹621 करोड़ का नोटिफिकेशन ऑफ अवार्ड (NOA) हासिल किया है। यह ऑर्डर कंपनी की भविष्य की रेवेन्यू पाइपलाइन को और मजबूत करता है।

आगे क्या देखना होगा?

निवेशकों को इनपुट मैटेरियल की कीमतों में अस्थिरता और बढ़ती फाइनेंसिंग कॉस्ट का कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ने वाले असर पर नजर रखनी होगी। मैनेजमेंट इन बाहरी दबावों को कितनी प्रभावी ढंग से संभालता है, यह महत्वपूर्ण होगा। आने वाली तिमाहियों में कंपनी लागत प्रबंधन के जरिए मुनाफे को कैसे बेहतर बनाती है, यह देखना दिलचस्प होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.