Juniper Green Energy Ltd की रेटिंग में ICRA ने बड़ा सुधार किया है। ₹1,800 करोड़ के IPO के बाद कंपनी के मजबूत बैलेंस शीट और पोर्टफोलियो विस्तार को देखते हुए, लॉन्ग-टर्म रेटिंग को [ICRA]AA- (स्टेबल) कर दिया गया है।
रेटिंग में क्यों हुआ सुधार?
अगस्त 2026 में आए ₹1,800 करोड़ के IPO ने Juniper Green Energy के कैपिटल स्ट्रक्चर को काफी मजबूती दी है। कंपनी ने इन पैसों का इस्तेमाल कर्ज को कम करने और लोन को रिफाइनेंस करने में किया है, जिससे भविष्य में ब्याज लागत (Interest Cost) घटने की उम्मीद है। रेटिंग एजेंसी ICRA ने लॉन्ग-टर्म रेटिंग को [ICRA]A+ से बढ़ाकर [ICRA]AA- (स्टेबल) कर दिया है।
बढ़ता हुआ पोर्टफोलियो
कंपनी की क्षमता में तेजी से इजाफा हुआ है। जनवरी 2026 में जो पोर्टफोलियो 1.7 GWp था, वह सितंबर 2026 तक बढ़कर 2.69 GWp हो गया है, साथ ही 503 MWh की बैटरी स्टोरेज क्षमता भी जुड़ गई है। कंपनी के पास 25 साल के पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) हैं, जो लंबी अवधि में रेवेन्यू की गारंटी देते हैं।
फाइनेंशियल हेल्थ और चुनौतियां
वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी की ऑपरेटिंग इनकम ₹718.9 करोड़ रही, जबकि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1) में यह ₹291.2 करोड़ रही। हालांकि, कंपनी का विस्तार अभी जारी है और FY2030 तक करीब ₹20,000-21,000 करोड़ के कैपेक्स (Capex) का अनुमान है।
मुख्य चुनौती यह है कि कंपनी के पास 3.4 GWp के प्रोजेक्ट्स अभी निर्माणाधीन (Under Construction) हैं और 5 GWp से ज्यादा का पाइपलाइन प्रोजेक्ट तैयार है। इसके अलावा, राजस्थान और गुजरात में ग्रिड से जुड़ी समस्याओं और मौसम पर निर्भरता प्रोजेक्ट्स की कमाई पर असर डाल सकती है। निवेशकों को कंपनी की लोन चुकाने की क्षमता और नए प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरा होने पर खास नजर रखनी चाहिए।
