Juniper Green Energy ने गुजरात में अपना **150 MW** का विंड-सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्ट पूरी तरह से कमीशन कर लिया है। इसके साथ ही कंपनी की कुल ऑपरेशनल क्षमता अब बढ़कर **2,745 MWp** तक पहुंच गई है।
प्रोजेक्ट का पूरा होना: एक बड़ी उपलब्धि
Juniper Green Energy ने अपने 150 MW के विंड-सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस प्रोजेक्ट के तहत आखिरी 5 MW का विंड टर्बाइन 12 अक्टूबर, 2026 को ऑपरेशनल हुआ। इस महत्वपूर्ण पड़ाव के वेरिफिकेशन का काम गुजरात एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी और पश्चिम गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (PGVCL) द्वारा किया गया है। अब कंपनी को आधिकारिक कमीशनिंग सर्टिफिकेट मिलने का इंतजार है।
क्यों है यह निवेशकों के लिए अहम?
यह पूरा प्रोजेक्ट Gujarat Urja Vikas Nigam Limited के साथ हुए पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के तहत विकसित किया गया था। इस प्रोजेक्ट के समय पर पूरा होने से कंपनी की प्रोजेक्ट एक्जीक्यूशन क्षमता पर भरोसा बढ़ा है। निवेशकों के लिए यह खबर इसलिए खास है क्योंकि इससे कंपनी का रेवेन्यू जेनरेट करने वाला एसेट बेस सीधे तौर पर मजबूत हुआ है और अब कंपनी कंस्ट्रक्शन फेज से निकलकर बेहतर कैश फ्लो की ओर बढ़ रही है।
पोर्टफोलियो पर एक नजर
इस नई क्षमता के जुड़ने के साथ ही Juniper Green Energy का कुल पोर्टफोलियो 2,745 MWp के स्तर पर पहुंच गया है। इसके अलावा, कंपनी के पास 603 MWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) क्षमता भी है, जो इसके डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो को दर्शाता है।
आगे क्या देखें?
आने वाले समय में निवेशकों को कंपनी के आधिकारिक कमीशनिंग सर्टिफिकेट के आने और अगली तिमाही के नतीजों में इस प्रोजेक्ट से जुड़ी रेवेन्यू ग्रोथ पर नजर रखनी चाहिए।
