Inox Green Energy: ₹550 करोड़ में 4.5 GW O&M बिजनेस का अधिग्रहण, NCLT से मिली हरी झंडी

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AuthorNeha Patil|Published at:
Inox Green Energy: ₹550 करोड़ में 4.5 GW O&M बिजनेस का अधिग्रहण, NCLT से मिली हरी झंडी

Inox Green Energy Services को Wind World India के O&M बिजनेस के अधिग्रहण के लिए ₹550 करोड़ की NCLT से मंजूरी मिल गई है। इससे कंपनी की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में 4.5 GW का इजाफा होगा, हालांकि इसमें पेंडिंग लिटिगेशन भी शामिल है।

Inox Green Energy को मिली बड़ी मंजूरी

Inox Green Energy Services Limited ने Authum Investment & Infrastructure Limited के साथ मिलकर Wind World (India) Limited (WWIL) के रेजोल्यूशन प्लान के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से मंजूरी हासिल कर ली है। इस मंजूरी के बाद Inox Green, WWIL के ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस (O&M) बिजनेस का अधिग्रहण करेगी, जिसमें करीब 4.5 GW का बड़ा पोर्टफोलियो शामिल है।

क्यों है यह डील अहम?

NCLT की यह मंजूरी Inox Green की ग्रोथ स्ट्रैटेजी के लिए एक बड़ा कदम है। इस अधिग्रहण से कंपनी की O&M क्षमता में 4.5 GW का इजाफा होगा, जिससे रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में उसकी मार्केट पोजीशन मजबूत होगी। साथ ही, Tata Group, ReNew और Greenko जैसे बड़े क्लाइंट्स तक भी पहुंच बढ़ेगी।

क्या है पूरी कहानी?

Wind World (India) Limited (WWIL) इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के तहत रेजोल्यूशन प्रोसेस से गुजर रही थी। WWIL के रेजोल्यूशन प्लान के लिए कुल ₹2,775 करोड़ का आउटले है, जिसमें से Inox Green O&M बिजनेस के अधिग्रहण के लिए ₹550 करोड़ खर्च करेगी। इस फाइनेंशियल प्लान में फाइनेंशियल क्रेडिटर्स को अपफ्रंट पेमेंट्स और रीस्ट्रक्चर्ड डेट पेमेंट्स शामिल हैं।

आगे क्या होगा?

NCLT ऑर्डर की सर्टिफाइड कॉपी मिलने के 60 दिनों के अंदर इस अधिग्रहण को पूरा किया जाएगा। O&M बिजनेस को एक इंप्लीमेंटेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (IMC) की देखरेख में स्लम सेल या अन्य स्वीकृत स्ट्रक्चर के जरिए एक्वायर किया जाएगा। इससे 4.5 GW का पोर्टफोलियो आधिकारिक तौर पर Inox Green के ऑपरेशंस का हिस्सा बन जाएगा।

किन जोखिमों पर रहेगी नजर?

एक अहम बात जिस पर ध्यान देना होगा, वह है Enercon GmbH के साथ चल रहा इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और टेक्नोलॉजी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लिटिगेशन। अधिग्रहीत बिजनेस में इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी का भविष्य इस लीगल प्रोसीडिंग्स के फाइनल आउटकम पर निर्भर करेगा। इसके अलावा, रेगुलेटरी क्लियरेंस और बिजनेस ट्रांसफर के लिए IMC की मंजूरी से जुड़े एग्जीक्यूशन रिस्क पर भी नजर रखनी होगी।

इंडस्ट्री में कैसी है स्थिति?

हालांकि, अभी पीयर O&M पोर्टफोलियो के सटीक साइज का विवरण उपलब्ध नहीं है, लेकिन 4.5 GW का इजाफा Inox Green को भारत के तेजी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट में अन्य O&M सर्विस प्रोवाइडर्स के मुकाबले एक मजबूत स्थिति में खड़ा करता है।

जरूरी आंकड़े

WWIL के O&M बिजनेस से FY2023-24 में ₹499.59 करोड़ के टर्नओवर की उम्मीद है, जो FY2024-25 में बढ़कर ₹597.09 करोड़ और FY2025-26 में ₹579.77 करोड़ होने का अनुमान है।

आगे क्या ट्रैक करें?

निवेशकों को इंप्लीमेंटेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी की मंजूरियों और 60 दिनों की समय-सीमा के भीतर बिजनेस ट्रांसफर के पूरा होने की प्रगति पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। Enercon GmbH लिटिगेशन के डेवलपमेंट पर भी नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.