Inox Green Energy का प्रॉफिट ₹103.45 करोड़ के पार
Inox Green Energy Services Ltd. ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने कंसोलिडेटेड बेसिस पर पिछले साल के ₹21.85 करोड़ के मुकाबले इस बार ₹103.45 करोड़ का भारी-भरकम प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। यह पिछले साल की तुलना में चार गुना से भी ज़्यादा की बढ़ोतरी है।
ऑपरेशन्स से होने वाली कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में भी अच्छी खासी उछाल आई है। FY26 में यह ₹281.01 करोड़ रही, जो FY25 में ₹220.19 करोड़ थी। वहीं, स्टैंडअलोन बेसिस पर भी कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹52.47 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू बढ़कर ₹238.48 करोड़ हो गया।
डी-मर्जर का असर
इसके साथ ही, कंपनी का पावर इवैकुएशन बिजनेस 4 मई 2026 से Inox Renewable Solutions Limited के नाम से प्रभावी हो गया है। इस डी-मर्जर के तहत, Inox Green के हर 1000 शेयर रखने वाले शेयरहोल्डर्स को नई कंपनी के 122 इक्विटी शेयर मिलेंगे।
क्यों है यह अहम?
प्रॉफिट और रेवेन्यू में यह जोरदार बढ़ोतरी कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मार्केट में मजबूत पकड़ को दिखाती है। पावर इवैकुएशन बिजनेस का डी-मर्जर एक बड़ा कॉर्पोरेट कदम है, जिससे कंपनी के ऑपरेशन्स को सुव्यवस्थित करने और वैल्यू बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, रेगुलेटरी चुनौतियां और स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) में किए गए निवेशों से जुड़े जोखिम आगे चलकर कंपनी के प्रदर्शन पर असर डाल सकते हैं।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को अब Inox Green की सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (CERC) के 300 MW कनेक्टिविटी को लेकर अपीलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी (APTEL) में चल रही सुनवाई पर कड़ी नजर रखनी होगी। साथ ही, SPV निवेशों से जुड़े मुद्दों को सुलझाने और फंड की रिकवरी के लिए कंपनी के प्रयासों पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
