IndiGrid Infrastructure Trust ने राजस्थान में अपने **250 MW/500 MWh** के बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) को चालू कर दिया है। **12 साल** के कंसेशन वाले इस प्रोजेक्ट से कंपनी को हर साल **₹71 करोड़** से ज्यादा का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।
प्रोजेक्ट की ताकत
IndiGrid Infrastructure Trust ने राजस्थान में अपना स्टैंडअलोन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया है। इस प्रोजेक्ट को 'राजस्थान BESS प्राइवेट लिमिटेड' (RBPL) के जरिए पूरा किया गया है। इसकी कुल क्षमता 250 MW / 500 MWh है, जो 12 साल के 'बिल्ड-ओन-ऑपरेट' (BOO) मॉडल पर आधारित है।
रेवेन्यू का गणित
यह प्रोजेक्ट IndiGrid के इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो में एक बड़ा इजाफा है। कंपनी को इस प्रोजेक्ट से सालाना ₹71 करोड़ से ज्यादा का रेवेन्यू मिलने का अनुमान है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) के निवेशकों के लिए एक स्थिर और लॉन्ग-टर्म कैश फ्लो सुनिश्चित करेगा।
ओनरशिप में बदलाव
फिलहाल, इस प्रोजेक्ट में ब्रिटिश इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट (BII) और KNI India AS जैसे साझीदार शामिल हैं। हालांकि, प्रोजेक्ट के शुरू होते ही IndiGrid ने इन माइनॉरिटी पार्टनर्स की हिस्सेदारी खरीदने की योजना बनाई है। इस बायआउट (Buyout) के बाद IndiGrid इस एसेट पर 100% मालिकाना हक हासिल कर लेगी, जिससे रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर आसान हो जाएगा।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
अब निवेशकों की नजरें इस बायआउट प्रक्रिया के औपचारिक ऐलान पर टिकी होंगी। इसे पूरा करने के बाद कंपनी अपनी ओनरशिप कंसोलिडेशन की प्रक्रिया को अंजाम देगी, जिससे भविष्य में मुनाफे का हिस्सा और बेहतर होने की उम्मीद है।
