Glittek Granites अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में कदम रख रही है। कंपनी **₹150 करोड़** का एक बड़ा प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। साथ ही, जून तिमाही के नतीजों को मंजूरी दी गई और ऑडिटर व रजिस्ट्रार सेवाओं में बदलाव किए गए हैं।
Glittek Granites का रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बड़ा कदम: ₹150 करोड़ का BESS प्रोजेक्ट
Glittek Granites Ltd. ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और इससे जुड़े रिन्यूएबल एनर्जी कारोबार में एक बड़ा रणनीतिक बदलाव का ऐलान किया है। कंपनी ने इस नए वेंचर के लिए शुरुआती प्रोजेक्ट लागत ₹150 करोड़ तय की है।
क्या है खास?
कंपनी के बोर्ड ने 12 अगस्त, 2026 को हुई मीटिंग में BESS और रिन्यूएबल एनर्जी ऑपरेशन्स को अपनाने की मंजूरी दे दी है। इसमें बैटरी सेल की पैकेजिंग और असेंबली, BESS मैन्युफैक्चरिंग, और सोलर व BESS प्रोजेक्ट्स के लिए EPC/BoS कॉन्ट्रैक्टिंग शामिल है। जमीन अधिग्रहण सहित इस प्रोजेक्ट की कुल लागत ₹150 करोड़ अनुमानित है, और जमीन मिलने के बाद इसे पूरा होने में 10-12 महीने लगेंगे।
क्यों यह महत्वपूर्ण है?
यह Glittek Granites के लिए एक बड़ा डाइवर्सिफिकेशन (Diversification) है। कंपनी अपने मौजूदा कारोबार से निकलकर एक कैपिटल-इंटेंसिव (Capital-intensive) और हाई-ग्रोथ (High-growth) सेक्टर में उतर रही है। यह निवेश भारत के तेजी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट में पैठ बनाने की कंपनी की मंशा को दर्शाता है। कंपनी ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के अनऑडिटेड स्टैंडअलोन फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Standalone Financial Results) को भी मंजूरी दी है।
पहले क्या था?
Glittek Granites का फोकस अब तक ग्रेनाइट (Granite) प्रोडक्शन और इससे जुड़े कामों पर रहा है। BESS में यह नया कदम उसके मुख्य व्यवसाय से एक बड़ा बदलाव है, जिसका मकसद रिन्यूएबल एनर्जी इंटीग्रेशन से बढ़ती एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस की मांग का फायदा उठाना है।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी अब एक नए और बड़े प्रोजेक्ट पर काम करेगी, जिसके लिए भारी पूंजी निवेश और नए ऑपरेशनल फोकस की ज़रूरत होगी। BESS में जाने के लिए कंपनी को नई विशेषज्ञता, इंफ्रास्ट्रक्चर और मार्केट डेवलपमेंट की ज़रूरत पड़ेगी।
जोखिम क्या हैं?
सबसे बड़ा जोखिम ₹150 करोड़ के BESS प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूशन (Execution) में है, जो कैपिटल-इंटेंसिव है और कंपनी के लिए बिल्कुल नया है। नए बिजनेस लाइन में ट्रांजिशन (Transition) के अपने ऑपरेशनल और मार्केट जोखिम हैं। ऑडिटर और RTA में बदलाव भी ऑर्गनाइजेशनल एडजस्टमेंट्स (Organizational Adjustments) का संकेत देते हैं।
तुलना (Peer Comparison)
जहां Glittek Granites BESS स्पेस में आ रही है, वहीं कई भारतीय कंपनियां पहले से ही रिन्यूएबल एनर्जी और एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस में स्थापित हैं, जिनमें सोलर EPC और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां शामिल हैं। Glittek की प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता उसके प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन, कॉस्ट मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजिकल एडॉप्शन पर निर्भर करेगी।
फाइनेंशियल नंबर्स (Financial Metrics)
30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही में, Glittek Granites ने ऑपरेशन से शून्य रेवेन्यू (Revenue) दर्ज किया, जबकि कुल इनकम ₹0.33 करोड़ थी, जो मुख्य रूप से 'अन्य आय' (Other Income) से आई। नेट प्रॉफिट (Profit After Tax - PAT) ₹0.14 करोड़ रहा। इसकी तुलना पिछले साल की इसी तिमाही (30 जून, 2025) से करें तो ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹0.05 करोड़ और कुल इनकम ₹0.72 करोड़ थी, जिसमें PAT ₹0.05 करोड़ था।
आगे क्या देखें?
निवेशक जमीन अधिग्रहण की प्रगति और BESS प्रोजेक्ट की शुरुआत पर कड़ी नज़र रखेंगे। ₹150 करोड़ के निवेश के लिए फंडिंग रणनीति और नए बिजनेस लाइन का सफल इंटीग्रेशन (Integration) महत्वपूर्ण होगा।
