EPIC Energy के मुनाफे में मामूली उछाल, ₹0.03 करोड़ का शुद्ध लाभ; सोलर और रीसाइक्लिंग पर फोकस

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AuthorAditya Rao|Published at:
EPIC Energy के मुनाफे में मामूली उछाल, ₹0.03 करोड़ का शुद्ध लाभ; सोलर और रीसाइक्लिंग पर फोकस

EPIC Energy ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए ₹0.03 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी अब रिन्यूएबल एनर्जी और बैटरी रीसाइक्लिंग प्रोजेक्ट्स पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है।

EPIC Energy का तिमाही रिपोर्ट

EPIC Energy Ltd. ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने स्टैंडअलोन आधार पर ₹2.43 करोड़ का रेवेन्यू और ₹0.03 करोड़ (₹2.83 लाख) का शुद्ध लाभ (Net Profit) दर्ज किया है। कंसॉलिडेटेड (Consolidated) आधार पर, रेवेन्यू ₹2.49 करोड़ रहा और शुद्ध लाभ ₹0.02 करोड़ (₹2.39 लाख) रहा।

कंपनी की नई दिशा

ये नतीजे कंपनी के चल रहे बदलाव को दर्शाते हैं। 'पावर सेविंग सॉल्यूशंस' सेगमेंट से इस तिमाही में कोई रेवेन्यू नहीं आया, जो कंपनी की स्ट्रेटेजिक शिफ्ट का संकेत है। वहीं, 'ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर' बिजनेस में घाटा जारी है, जिसमें कंसॉलिडेटेड आधार पर ₹0.005 करोड़ का सेगमेंट लॉस दर्ज किया गया। कंपनी का मुख्य रेवेन्यू सोर्स अब 'रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस' है।

भविष्य की योजनाएं

EPIC Energy अपने ऑपरेशंस को ग्रोथ वाले क्षेत्रों में केंद्रित कर रही है, जिसमें सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स और बैटरी रीसाइक्लिंग शामिल हैं। यह कदम नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है।

क्या होगा आगे?

महाराष्ट्र में 1.3 MWp क्षमता का एक सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट और गुजरात में 3.5 MWp क्षमता का एक और प्रोजेक्ट लागू किया जा रहा है, जिसके Q3 FY27 तक चालू होने की उम्मीद है। महाराष्ट्र के वाडा में 8 TPD क्षमता वाला बैटरी रीसाइक्लिंग प्रोजेक्ट और सेकंड-लाइफ बैटरी असेंबली लाइन पर भी काम चल रहा है। इसमें से आंशिक कमिशनिंग सितंबर 2026 तक और रेवेन्यू प्राप्ति Q3 FY27 तक अपेक्षित है।

जोखिम और चुनौतियाँ

कंपनी के सामने ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट में लगातार हो रहे घाटे का जोखिम बना हुआ है। भविष्य के रेवेन्यू की सफलता काफी हद तक नए सोलर और बैटरी रीसाइक्लिंग प्रोजेक्ट्स के समय पर और फायदेमंद एग्जीक्यूशन पर निर्भर करेगी। 'पावर सेविंग सॉल्यूशंस' सेगमेंट से रेवेन्यू का पूरी तरह बंद होना भी नई रणनीति के एग्जीक्यूशन रिस्क को उजागर करता है।

आगे क्या देखें?

निवेशकों को महाराष्ट्र और गुजरात में सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स और वाडा में बैटरी रीसाइक्लिंग सुविधा के कमिशनिंग की प्रगति पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। इन नए सेगमेंट्स से रेवेन्यू जनरेशन और प्रॉफिटेबिलिटी को ट्रैक करना महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.