CESC लिमिटेड की सब्सिडियरी Purvah Green Power, ReNew Solar Power से छह सोलर एंटिटी में **100%** हिस्सेदारी खरीद रही है। इससे कंपनी की ऑपरेशनल सोलर क्षमता **1.4 GW** बढ़ जाएगी, जिससे ग्रुप का रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो बढ़कर **4.8 GW** हो जाएगा।
CESC का रिन्यूएबल एनर्जी में विस्तार: 1.4 GW सोलर अधिग्रहण
CESC लिमिटेड की सब्सिडियरी, Purvah Green Power Private Limited, ReNew Solar Power Private Limited की छह सोलर पावर एंटिटीज में 100% हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने के लिए तैयार है। इस सौदे से ऑपरेशनल सोलर क्षमता में 1.4 GWp का इजाफा होगा।
रीडर टेकअवे: तत्काल ऑपरेशनल स्केल हासिल हुआ; कंटिंजेंट पेमेंट भविष्य में संभावित खर्च हो सकता है।
क्या हुआ है?
Purvah Green Power Private Limited, जो CESC Limited की सब्सिडियरी है, ने ReNew Solar Power Private Limited से छह सोलर पावर एंटिटीज के पूरे शेयर कैपिटल का अधिग्रहण करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस ट्रांजैक्शन का एंटरप्राइज वैल्यू ₹4,859 करोड़ है।
इस अधिग्रहण से CESC के रिन्यूएबल एनर्जी प्लेटफॉर्म में 1.4 GWp की ऑपरेशनल सोलर क्षमता जुड़ जाएगी, जिससे अधिग्रहण के बाद कुल कॉन्ट्रैक्टेड क्षमता 4.8 GWp हो जाएगी।
यह क्यों मायने रखता है?
यह डील CESC के रिन्यूएबल आर्म के लिए एक रणनीतिक बदलाव का प्रतीक है, जो अभी विकास के अधीन प्रोजेक्ट्स से हटकर ऑपरेशनल, रेवेन्यू-जेनरेटिंग एसेट्स पर आधारित पोर्टफोलियो की ओर बढ़ रही है। अधिग्रहित क्षमता का 90% से अधिक Solar Energy Corporation of India (SECI) के साथ 25-साल के पावर परचेज एग्रीमेंट्स (PPAs) के तहत कॉन्ट्रैक्टेड है, जिससे स्थिर, लॉन्ग-टर्म रेवेन्यू की दृश्यता सुनिश्चित होती है। शेष क्षमता कर्नाटक की बिजली वितरण कंपनियों के साथ कॉन्ट्रैक्टेड है।
यह कदम CESC की अगले कुछ वर्षों में 10 GW रिन्यूएबल एनर्जी प्लेटफॉर्म बनाने की महत्वाकांक्षा के अनुरूप है।
बैकस्टोरी
CESC Limited, एक इंटीग्रेटेड पावर यूटिलिटी, अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी के तहत अपने रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है। यह अधिग्रहण उसकी ऑपरेशनल रिन्यूएबल क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अब क्या बदलेगा?
अधिग्रहित 1.4 GWp ऑपरेशनल सोलर क्षमता को Purvah Green Power के प्लेटफॉर्म में इंटीग्रेट किया जाएगा। इसके बाद ग्रुप की कुल कॉन्ट्रैक्टेड रिन्यूएबल क्षमता बढ़कर 4.8 GWp हो जाएगी।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
एक मुख्य बात जिस पर नजर रखनी है, वह है अनुमानित ₹230 करोड़ का कंटिंजेंट पेमेंट। यह राशि चेंज-इन-लॉ क्लेम्स की अतिरिक्त वसूली से जुड़ी है और कंपनी के लिए भविष्य में कैश आउटफ्लो का प्रतिनिधित्व करती है।
पीयर कंपैरिजन
लॉन्ग-टर्म PPAs के साथ ऑपरेशनल सोलर एसेट्स का अधिग्रहण CESC का कदम भारतीय पावर कंपनियों के बीच एक आम रणनीति है जो स्थिर रिटर्न और बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में मजबूत स्थिति की तलाश में हैं। Adani Green Energy और Tata Power Renewables जैसी कंपनियां भी ऑर्गेनिक ग्रोथ और अधिग्रहण के माध्यम से अपने सोलर और विंड पोर्टफोलियो का सक्रिय रूप से विस्तार कर रही हैं।
कॉन्टेक्स्ट मेट्रिक्स (समय-सीमा)
इस ट्रांजैक्शन का एंटरप्राइज वैल्यू ₹4,859 करोड़ है। क्लोजिंग पर कैश कंसीडरेशन ₹1,582 करोड़ है, जिसमें शेयर कैपिटल के लिए ₹589 करोड़ और प्रमोटर डेट इन्फ्यूजन के लिए ₹993 करोड़ शामिल हैं। यह डील 31 अक्टूबर, 2026 से पहले पूरी होने की उम्मीद है। किसी सरकारी या रेगुलेटरी अप्रूवल की आवश्यकता नहीं है।
आगे क्या देखें?
निवेशक इन नई संपत्तियों के सफल इंटीग्रेशन और कंपनी की 10 GW रिन्यूएबल एनर्जी टारगेट की दिशा में प्रगति पर नजर रखेंगे। कंटिंजेंट पेमेंट से संबंधित चेंज-इन-लॉ क्लेम्स के समाधान की निगरानी करना भी महत्वपूर्ण होगा।
