CESC की सहायक कंपनी को ₹3.85/kWh पर 175 MW का विंड प्रोजेक्ट मिला

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
CESC की सहायक कंपनी को ₹3.85/kWh पर 175 MW का विंड प्रोजेक्ट मिला

CESC की सब्सिडियरी, Purvah Green Power, ने SECI से 175 MW का विंड प्रोजेक्ट जीता है। ₹3.85/kWh के 25 साल के कॉन्ट्रैक्ट से CESC के रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो को बढ़ावा मिलेगा और रेवेन्यू में स्थिरता आएगी।

CESC की सहायक कंपनी ने जीता 175 MW विंड पावर प्रोजेक्ट

CESC Limited की सब्सिडियरी Purvah Green Power Private Limited को Solar Energy Corporation of India Ltd (SECI) द्वारा 175 MW का ग्रिड-कनेक्टेड विंड पावर प्रोजेक्ट अलॉट किया गया है।

मुख्य बातें:

  • रणनीतिक जीत, लेकिन एग्जीक्यूशन रिस्क अभी भी बना हुआ है।

क्या हुआ?

CESC की सब्सिडियरी Purvah Green Power ने SECI-Tranche-XX के तहत 175 MW का विंड पावर प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए बोली जीती है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

यह प्रोजेक्ट ₹3.85 प्रति किलोवाट-घंटा (kWh) की टैरिफ दर पर 25 साल के कॉन्ट्रैक्ट के साथ आता है। इससे CESC के लिए लंबे समय तक स्थिर रेवेन्यू सुनिश्चित होगा और कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो का विस्तार होगा।

पूरी कहानी:

CESC Limited एक इंटीग्रेटेड पावर यूटिलिटी है जो रिन्यूएबल एनर्जी पर अपना फोकस बढ़ा रही है। प्रतिस्पर्धी टैरिफ-आधारित प्रक्रिया के तहत इस बोली को जीतना, सरकारी रिन्यूएबल एनर्जी टेंडर्स में कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाता है।

आगे क्या?

कंपनी अब अपनी सब्सिडियरी के माध्यम से 175 MW विंड पावर फैसिलिटी के एग्जीक्यूशन और कमिशनिंग पर काम करेगी।

जोखिम:

प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूशन और 175 MW क्षमता के समय पर कमिशनिंग पर नज़र रखनी होगी। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में देरी या लागत बढ़ने से प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ सकता है।

पीयर कंपेरिजन:

कई भारतीय पावर कंपनियां, जिनमें रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की कंपनियां भी शामिल हैं, इसी तरह की SECI टेंडर्स के लिए सक्रिय रूप से बोली लगा रही हैं। ₹3.85/kWh की दर से CESC की जीत, ऐसी ऑक्शन में देखी जाने वाली प्रतिस्पर्धी टैरिफ रेंज के भीतर है।

जरूरी आंकड़े:

  • प्रोजेक्ट क्षमता: 175 MW
  • कॉन्ट्रैक्ट की अवधि: 25 साल
  • टैरिफ दर: ₹3.85/kWh
  • अवार्डिंग एंटिटी: SECI

आगे क्या ट्रैक करें:

निवेशकों को प्रोजेक्ट की टाइमलाइन, कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान और 175 MW विंड फार्म के कमिशनिंग शेड्यूल पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.