Borosil Renewables ने H1 FY27 में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेल्स में **12.8%** की सालाना ग्रोथ दर्ज की है। हालांकि दूसरी तिमाही में फर्नेस मेंटेनेंस की वजह से प्रोडक्शन में **4.5%** की मामूली गिरावट आई थी, लेकिन अब कंपनी ने अपने एक्सपेंशन प्लान का बजट बढ़ाकर **₹1,100 करोड़** कर दिया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और बजट अपडेट
कंपनी ने शानदार रफ्तार दिखाते हुए स्टैंडअलोन H1 FY27 की सेल्स में 12.8% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की है, जो ₹801.8 करोड़ रही। वहीं, कंपनी का EBITDA ₹258.3 करोड़ पर रहा। अपने महत्वाकांक्षी एक्सपेंशन प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने बजट में ₹150 करोड़ का इजाफा किया है, जिसके बाद अब कुल प्रोजेक्ट लागत ₹1,100 करोड़ हो गई है।
मेंटेनेंस के बाद वापसी
Q2 में फर्नेस मेंटेनेंस की वजह से प्रोडक्शन में 4.5% की अस्थाई गिरावट दिखी थी, लेकिन कंपनी का कहना है कि अक्टूबर से प्रोडक्शन स्तर पुराने पीक को पार कर गया है। सितंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹396.7 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹378.88 करोड़ से ज्यादा है।
फंडिंग और स्ट्रैटेजी
कैपेक्स (CAPEX) में यह वृद्धि मुख्य रूप से रुपये की वैल्यू में कमी और तकनीकी अपग्रेड्स के कारण है। सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि पूरा प्रोजेक्ट ₹800 करोड़ के इंटरनल एक्रुअल्स और ₹300 करोड़ के मौजूदा कर्ज से फंड होगा, यानी किसी नई बैंक बॉरोइंग की जरूरत नहीं है।
रिस्क और चुनौतियां
निवेशकों को FY28 की पहली छमाही में होने वाले फर्नेस मेंटेनेंस पर नजर रखनी होगी। इसके अलावा, गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सोडा ऐश (Soda Ash) की बढ़ती कीमतें मार्जिन पर दबाव डाल सकती हैं, जिसे कंपनी फ्यूल सरचार्ज और बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी से मैनेज करने की कोशिश कर रही है।
आगे का रास्ता
कंपनी का फोकस 30% से ज्यादा EBITDA मार्जिन बनाए रखने पर है। इसके साथ ही, B2C रूफटॉप सोलर सेगमेंट में कंपनी की एंट्री भविष्य के लिए एक बड़ा ग्रोथ इंजन साबित हो सकती है।
