Bondada Engineering ने Gujarat Industries Power Company (GIPCL) से एक बड़ा EPC कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। यह प्रोजेक्ट वडोदरा में **20 MW/120 MWh** की Vanadium Redox Flow Battery सिस्टम लगाने के लिए है, जिसमें **18 महीने** का समय और **10 साल** का मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट शामिल है।
बड़ा प्रोजेक्ट, बड़ी उम्मीदें
Bondada Engineering को मिला यह प्रोजेक्ट कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन है। कंपनी वडोदरा में स्थित GIPCL के नेचुरल गैस पावर प्लांट में 20 MW / 120 MWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (VRFB BESS) तैयार करेगी। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए कंपनी के पास 18 महीने की डेडलाइन है।
क्यों खास है यह डील?
यह केवल एक साधारण EPC कॉन्ट्रैक्ट नहीं है, बल्कि कंपनी की आधुनिक 'लॉन्ग ड्यूरेशन एनर्जी स्टोरेज' (LDES) मार्केट में एंट्री है। इसके साथ ही 10 साल का ऑपरेशंस और मेंटेनेंस (O&M) कॉन्ट्रैक्ट मिलने से कंपनी को लंबे समय तक रेवेन्यू की विजिबिलिटी मिलती रहेगी। यह कदम कंपनी को पारंपरिक प्रोजेक्ट साइकिल से निकालकर एक बड़े सेगमेंट में स्थापित करने में मदद करेगा।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
चूंकि यह एक एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वाला प्रोजेक्ट है, इसलिए निवेशकों को कंपनी की एग्जीक्यूशन स्पीड और टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन पर नजर रखनी चाहिए। अगर कंपनी तय 18 महीने के भीतर इस प्रोजेक्ट को सफलता से पूरा कर लेती है, तो भविष्य में सरकार के अन्य पावर प्रोजेक्ट्स हासिल करने के चांस काफी बढ़ जाएंगे।
