Bondada Engineering Ltd ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में महाराष्ट्र और गुजरात में **221.7 MWp** की सौर क्षमता को सफलतापूर्ण चालू कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी की कुल सोलर एक्जीक्यूशन क्षमता अब बढ़कर **1.7 GWp** के करीब पहुंच गई है।
प्रोजेक्ट्स की रफ्तार
कंपनी ने अपनी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) क्षमताओं का लोहा मनवाते हुए महाराष्ट्र और गुजरात में इन बड़े प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा किया है। Adani और MAHAGENCO जैसे बड़े क्लाइंट्स के साथ काम करना कंपनी की तकनीकी विश्वसनीयता और बाजार में मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
1.7 GWp की कुल क्षमता हासिल करना Bondada Engineering के लिए एक बड़ा माइलस्टोन है। यह उपलब्धि न केवल कंपनी की प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने की क्षमता को साबित करती है, बल्कि भविष्य के बड़े टेंडर्स (Tenders) हासिल करने में भी मददगार साबित होगी। KP Group जैसे प्रमुख प्लेयर्स के साथ साझेदारी भी कंपनी के लिए लॉन्ग-टर्म ग्रोथ का संकेत है।
रिस्क और ध्यान देने वाली बातें
EPC प्लेयर होने के नाते कंपनी को कुछ चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है:
- सोलर कंपोनेंट्स की सप्लाई चेन में उतार-चढ़ाव।
- जमीन अधिग्रहण (Land acquisition) में देरी की संभावना।
- महाराष्ट्र और गुजरात की रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी में बदलाव।
अब बाजार की नजर इस बात पर है कि इन प्रोजेक्ट्स के चालू होने का असर कंपनी के अगले तिमाही नतीजों में रेवेन्यू और ऑपरेटिंग मार्जिन पर कितना पड़ता है।
