Advait Energy Transitions ने अपनी सहायक कंपनी Advait Battery Ecosystems के जरिए दिग्गज बैटरी निर्माता Hithium के साथ एक Master Supply Agreement साइन किया है। इसके तहत कंपनी अगले एक साल में **1 GWh** LFP बैटरी सेल खरीदेगी, जिससे गुजरात में बन रहे **2.5 GWh** BESS प्लांट को रफ्तार मिलेगी।
सप्लाई चैन को मिली मजबूती
Advait Energy के लिए यह साझेदारी बेहद अहम है। कंपनी अपने गुजरात के गंगाद में 2.5 GWh का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) असेंबली प्लांट लगा रही है। Hithium के साथ हुए इस समझौते से कंपनी को 314 Ah LFP प्रिस्मैटिक बैटरी सेल की सप्लाई सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। अगले एक साल के भीतर 1 GWh बैटरी सेल के ऑफटेक का फ्रेमवर्क तैयार किया गया है।
डील की बारीकियां और शर्तें
हालांकि यह एक फ्रेमवर्क एग्रीमेंट है, लेकिन इसमें वित्तीय शर्तों का भी जिक्र है। कंपनी ने 350 MWh तक के वॉल्यूम के लिए US$49.5 प्रति kWh की कीमत तय की है। कंपनी का मकसद अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को मजबूत करना है, ताकि वे कमर्शियल प्रोडक्शन और यूटिलिटी-स्केल प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा कर सकें।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
यह समझौता कंपनी की भविष्य की योजनाओं के लिए एक मजबूत कदम है, लेकिन निवेशकों को कुछ बातों पर नजर रखनी चाहिए:
- कमीशनिंग: गुजरात में प्लांट का कमर्शियल ऑपरेशन कब शुरू होता है।
- ऑर्डर्स: क्या कंपनी अपने पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स को पक्के ऑर्डर्स में बदल पाती है।
- सप्लाई: असल में कितनी बैटरी सेल की खरीद इस एग्रीमेंट के तहत होती है, क्योंकि पूरा 1 GWh वॉल्यूम उठाना अनिवार्य नहीं है।
इससे पहले Advait ने इंजीनियरिंग डिजाइन और EMS (Energy Management System) के लिए Adaptive Engineering के साथ भी पार्टनरशिप की थी। अब बाजार की नजर कंपनी के प्रोडक्शन शुरू होने और रेवेन्यू में इसके योगदान पर टिकी रहेगी।
