Adani Green Energy ने FY27 की दूसरी तिमाही में **₹747 करोड़** का शानदार प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के **₹644 करोड़** से काफी ज्यादा है। कंपनी की ऑपरेशनल कैपेसिटी **20.8 GW** तक पहुंच गई है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि कंपनी ने अमेरिकी कानूनी विवादों के पूरी तरह सुलझने की पुष्टि कर दी है, जिससे अब भविष्य की ग्रोथ राह साफ हो गई है।
दमदार नतीजों की कहानी
Adani Green Energy ने सितंबर तिमाही में बेहतरीन फाइनेंशियल प्रदर्शन किया है। कंपनी की कंसोलिडेटेड इनकम बढ़कर ₹4,520 करोड़ पर पहुंच गई है, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹3,249 करोड़ थी। कंपनी का रिन्यूएबल पोर्टफोलियो साल-दर-साल 24% बढ़कर 20.8 GW हो गया है, जो इसके मजबूत ऑपरेशनल बेस को दिखाता है।
कानूनी बाधाएं दूर
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर अमेरिकी कानूनी मामलों का निपटारा है। अमेरिकी न्याय विभाग और SEC की कार्यवाही अब आधिकारिक रूप से बंद हो चुकी है। 10 अगस्त, 2026 को सभी आरोप खारिज कर दिए गए और अंतिम फैसला आ चुका है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह के फाइनेंशियल एडजेस्टमेंट की जरूरत नहीं है, जिसने लंबे समय से चल रहे अनिश्चितता के माहौल को खत्म कर दिया है।
भविष्य का रोडमैप (50 GW का लक्ष्य)
कंपनी अब साल 2030 तक 50 GW की क्षमता हासिल करने के अपने बड़े लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसमें न केवल रिन्यूएबल एसेट्स को स्केल किया जा रहा है, बल्कि एनर्जी स्टोरेज में भी विस्तार किया जा रहा है। हाल ही में कंपनी ने 6.63 GWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) क्षमता को अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया है।
आगे क्या?
हाफ-ईयरली आधार पर एनर्जी सेल्स में 32% का उछाल यह साबित करता है कि कंपनी अपने एसेट्स को बेहतर तरीके से मॉनिटाइज कर रही है। हालांकि, रिन्यूएबल सेक्टर काफी कैपिटल-इंटेंसिव होता है और हाई डेट लेवल पर नजर रखना जरूरी है, लेकिन कानूनी बाधाओं के हट जाने से अब पूरा ध्यान केवल प्रोजेक्ट एक्जीक्यूशन और बीईएसएस (BESS) इंफ्रास्ट्रक्चर को स्केल करने पर होगा।
