Adani Green Energy ने गुजरात में **481.9 MW** की सोलर और विंड पावर के साथ **3,081 MWh** की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) क्षमता को चालू कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी की कुल रिन्यूएबल क्षमता बढ़कर **20,762.70 MW** पर पहुंच गई है।
क्या है पूरा मामला?
कंपनी ने अपने प्रोजेक्ट्स को रफ्तार देते हुए गुजरात के खावड़ा और मुंद्रा में 481.9 MW के नए रिन्यूएबल एनर्जी एसेट्स को ऑपरेशनल कर दिया है। इसमें 343.3 MW सोलर और 138.6 MW विंड पावर शामिल है। खास बात यह है कि कंपनी ने महज 10 महीने के रिकॉर्ड समय में 3,081 MWh की BESS क्षमता को पूरा किया है।
क्यों है यह निवेश के लिए अहम?
इस नई क्षमता के साथ Adani Green अब भारत की कुल ऑपरेशनल BESS क्षमता (लगभग 12.6 GWh) के 50% से ज्यादा हिस्से पर अपना कब्जा रखती है। अब कंपनी ग्रिड को केवल बिजली ही नहीं, बल्कि 'डिस्पैचेबल' (जरूरत के हिसाब से सप्लाई होने वाली) पावर भी देने में सक्षम है।
भविष्य की राह (Strategic Outlook)
कंपनी ने 2030 तक 50 GW रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता का टारगेट रखा है। साथ ही, मैनेजमेंट ने FY 2026-27 तक 10 GWh से ज्यादा की बैटरी स्टोरेज क्षमता हासिल करने का रोडमैप तैयार किया है। निवेशकों की नजर अब खावड़ा के 30 GW वाले मेगा प्लांट के डेवलपमेंट पर बनी रहनी चाहिए, क्योंकि यह भविष्य की ग्रोथ के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
