ACME Solar Holdings Limited ने राजस्थान में अपने हाइब्रिड रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स के पहले फेज की शुरुआत कर दी है। इसके तहत **66.68 MW** की सोलर क्षमता और **300 MWh** की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) क्षमता चालू हो गई है, जिससे कंपनी की कुल ऑपरेशनल रिन्यूएबल क्षमता बढ़कर लगभग **3,057 MW** हो गई है।
राजस्थान प्रोजेक्ट से जुड़ी अहम जानकारियां
ACME Solar ने बीकानेर के केलन गांव में स्थित अपने हाइब्रिड और फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी (FDRE) प्रोजेक्ट के पहले फेज का काम पूरा कर लिया है। इस सोलर प्रोजेक्ट का कुल लक्ष्य 300 MW है, जिसमें 100 MW की विंड पावर भी शामिल है। इस प्रोजेक्ट को पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) से फंडिंग मिली है और NTPC Limited के साथ पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) साइन किया गया है।
स्टोरेज क्षमता में बड़ा उछाल
कंपनी ने अपने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट का पहला फेज भी सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। इस पूरी योजना की क्षमता 300 MW / 1,581 MWh है। इसके लिए SJVN Limited के साथ एग्रीमेंट किया गया है और REC के जरिए लॉन्ग-टर्म फाइनेंसिंग जुटाई गई है। इस नई शुरुआत के साथ कंपनी की कुल ऑपरेशनल बैटरी स्टोरेज क्षमता 4.16 GWh के पार पहुंच गई है।
आगे का रास्ता और चुनौतियां
कंपनी का लक्ष्य FY27 की तीसरी तिमाही (Q3) तक इन प्रोजेक्ट्स की बाकी सोलर और BESS क्षमता को पूरा करना है। निवेशकों के लिए अब इन प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरा होने, एग्जीक्यूशन कॉस्ट और ग्रिड इंटीग्रेशन पर नजर रखना जरूरी होगा। कंपनी की ग्रोथ पूरी तरह से इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और समय पर प्रोजेक्ट्स को डिलीवर करने पर टिकी है।
