ACME Solar Holdings ने राजस्थान में अपने 'Firm and Dispatchable Renewable Energy' (FDRE) प्रोजेक्ट के तहत बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के फेज-II को सफलतापूर्वक कमीशन कर दिया है।
प्रोजेक्ट की नई रफ्तार
इस लेटेस्ट फेज के साथ ही कंपनी ने 52.32 MW/209.28 MWh की अतिरिक्त क्षमता को ग्रिड से जोड़ लिया है। इसके साथ ही, इस प्रोजेक्ट की कुल चालू क्षमता अब 105.95 MW/423.80 MWh तक पहुंच गई है। राजस्थान के बीकानेर जिले के केलन गांव में स्थित यह प्रोजेक्ट रिन्यूएबल एनर्जी की विश्वसनीयता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
क्यों है यह अहम?
बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) होने से सौर और पवन ऊर्जा की सप्लाई में आने वाली उतार-चढ़ाव की समस्या दूर होती है। कंपनी का SJVN Limited के साथ लॉन्ग-टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) है, जो भविष्य में रेवेन्यू के नजरिए से काफी महत्वपूर्ण है। इस पूरे प्रोजेक्ट को REC से फंडिंग मिल रही है।
आगे का रास्ता और रिस्क
फिलहाल कंपनी ने कुल 300 MW/1,200 MWh के लक्ष्य का एक-तिहाई हिस्सा पूरा कर लिया है। मैनेजमेंट ने चालू फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही (Q3) तक पूरे प्रोजेक्ट को चालू करने का गाइडेंस दिया है। निवेशकों के लिए अब अगले कुछ महीनों में प्रोजेक्ट की बाकी बची 194.05 MW की क्षमता को समय पर पूरा करना सबसे बड़ा 'ट्रैकिंग पॉइंट' होगा। किसी भी देरी से कंपनी की ऑपरेशनल टाइमलाइन पर असर पड़ सकता है।
