Vipul Limited ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट लॉस सुधरकर **₹77.03 लाख** पर आ गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में **₹142.18 लाख** था। हालांकि, राहत के बीच ऑडिटर ने लोन इम्पेयरमेंट और अकाउंटिंग से जुड़ी गंभीर आपत्तियां जताई हैं।
मुनाफे और घाटे का गणित
कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹772.34 लाख रहा है। पिछले साल के मुकाबले घाटा कम होना एक सकारात्मक संकेत जरूर है, लेकिन कंपनी के लिए चुनौतियां अब भी बरकरार हैं।
ऑडिटर की चेतावनी (Auditor's Concern)
कंपनी के नतीजों के साथ ऑडिटर ने 'क्वालिफाइड ओपिनियन' दिया है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। ऑडिटर ने साफ कहा है कि:
- 5 सब्सिडियरीज के मामले में अकाउंटिंग नियमों (Ind AS) का सही पालन नहीं हुआ।
- कई लोन और एडवांसेज के लिए 'इम्पेयरमेंट' (Impairment) की एंट्री नहीं की गई।
- Inter-Corporate Deposits पर ब्याज के भुगतान को लेकर एग्रीमेंट्स का अभाव है।
आगे क्या होगा?
कंपनी अपनी 35वीं AGM (Annual General Meeting) 12 नवंबर 2026 को आयोजित करेगी। इसके लिए 5 नवंबर से 12 नवंबर 2026 तक बुक क्लोजर रहेगा। साथ ही, बोर्ड ने 6 और सब्सिडियरीज को फास्ट-ट्रैक रूट से मर्ज करने की मंजूरी दी है।
निवेशकों के लिए रिस्क फैक्टर्स
सबसे बड़ा रिस्क Tanamera Developments Private Limited से जुड़ी कानूनी लड़ाई है, जहाँ कंपनी को ₹14,870 लाख की रिकवरी करनी है। ऑडिटर का यह कहना कि कंपनी के मुनाफे को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया हो सकता है, स्टॉक में अनिश्चितता पैदा कर रहा है।
