Vipul Limited ने अपनी 35वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) की तारीख का ऐलान कर दिया है। यह बैठक 12 नवंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में **₹14.09 करोड़** का नेट लॉस दर्ज किया है, जो पिछले साल **₹21.90 करोड़** था।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी के ऑपरेशनल रिवेन्यू में 26.69% की गिरावट आई है और यह घटकर ₹59.58 करोड़ रह गया है। हालांकि घाटा कम हुआ है, लेकिन निवेशकों के लिए चिंताएं अब भी बरकरार हैं।
ऑडिटर की सख्त टिप्पणी
स्टैचुअरी ऑडिटर्स (M/s. JSUS & Associates) ने कंपनी की फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर सवाल उठाए हैं। ऑडिटर ने प्रोजेक्ट एडवांसेज की रिकवरी, अनकन्फर्म्ड ट्रेड रिसीवेबल्स और लोन से जुड़े जरूरी डॉक्यूमेंट्स की कमी पर गंभीर चिंता जताई है।
मैनेजमेंट और कानूनी संकट
कंपनी लंबे समय से कानूनी पचड़ों में फंसी है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, Punit Beriwala को फरवरी 2026 में गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें बाद में जून 2026 में जमानत मिली। कंपनी का कहना है कि यह मामला पूरी तरह निजी है।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी की लिक्विडिटी प्रोजेक्ट कलेक्शंस पर टिकी है। इसके अलावा, अमृतसर प्रोजेक्ट और अन्य आर्बिट्रेशन केस के कारण कैश फ्लो पर दबाव बना हुआ है। बोर्ड ने इस साल किसी भी तरह के डिविडेंड की सिफारिश नहीं की है। कंपनी ने 8.89 करोड़ कन्वर्टिबल वारंट्स को ₹9.20 प्रति शेयर के भाव पर जारी करने को मंजूरी दी है, जिसके लिए 25% राशि प्राप्त हो चुकी है।
