Transindia Real Estate ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) घटकर **₹36.96 करोड़** रह गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा **₹52.63 करोड़** था।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी की ऑपरेशनल रेवेन्यू में मामूली 2.45% की बढ़त देखी गई है, लेकिन नेट प्रॉफिट में 29.77% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट की मुख्य वजह एक्सेप्शनल गेंस (Exceptional Gains) में कमी आना है, जो पिछले साल ₹32.12 करोड़ थे और इस साल घटकर सिर्फ ₹0.47 करोड़ रह गए हैं। हालांकि, कंपनी की कोर ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार हुआ है और EBITDA बढ़कर ₹45.63 करोड़ पहुंच गया है।
अहम फैसले और AGM
कंपनी ने अपनी 5वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) की तारीख 21 सितंबर, 2026 तय की है, जो वर्चुअल मोड में आयोजित की जाएगी। निवेशकों को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कंपनी ने इस साल किसी भी तरह के डिविडेंड (Dividend) का एलान नहीं किया है।
आगे की राह और रिस्क फैक्टर्स
Transindia Real Estate अब लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग पर अपना फोकस बढ़ा रही है। कंपनी के 300 एकड़ के लैंड बैंक का इस्तेमाल भविष्य के प्रोजेक्ट्स के लिए किया जाएगा। साथ ही, कंपनी का मुंबई के अंधेरी ईस्ट में कमर्शियल स्पेस का अधिग्रहण और मुबारिकपुर प्राइवेट फ्रेट टर्मिनल का काम भी जारी है।
निवेशकों को अब NCLT के जरिए चल रहे मर्जर प्रोसेस (जिसमें Madanahatti Logistics और Avvashya Inland Park शामिल हैं) पर नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, बंद पड़े ऑपरेशंस से कंपनी को ₹2.42 करोड़ का नुकसान भी हुआ है, जिस पर सावधानी बरतने की जरूरत है।
