Thakkers Developers ने FY26 के लिए अपनी 39वीं एनुअल रिपोर्ट पेश की है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **11%** बढ़कर **₹40.74 करोड़** हो गया है, जबकि नेट प्रॉफिट **₹6.48 करोड़** से घटकर **₹5.11 करोड़** पर आ गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का विश्लेषण
Thakkers Developers के FY26 के नतीजों में टॉप-लाइन ग्रोथ तो दिखी है, लेकिन बॉटम-लाइन पर दबाव साफ नजर आ रहा है। जहां कंपनी ने ₹40.74 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, वहीं बढ़ते खर्चों के कारण मुनाफे में कमी आई है। राहत की बात यह है कि कंपनी ने अपने कुल कर्ज (Debt) में 40% की बड़ी कटौती की है, जो बैलेंस शीट को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस साल निवेशकों को डिविडेंड (Dividend) से भी मायूसी हाथ लगी है क्योंकि बोर्ड ने कोई लाभांश न देने का फैसला किया है।
बोर्डरूम में बड़े बदलाव
कंपनी के मैनेजमेंट में काफी हलचल देखने को मिली है। विधि ऋषभ शाह को एडिशनल डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, जबकि पिछले साल गौरव देशमुख, मनीष लोनारी, चंद्रकांत ठक्कर और जमन ठक्कर जैसे इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स ने इस्तीफा दे दिया था।
आगे की राह और रिस्क
निवेशकों की नजरें अब 30 सितंबर, 2026 को होने वाली 39वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर टिकी हैं। कंपनी के नए प्रोजेक्ट 'Jungle Beats Life' पर निवेशकों को बारीक नजर रखनी होगी, क्योंकि स्टैंडअलोन मुनाफे में ₹2.71 करोड़ से गिरकर ₹0.90 करोड़ पर आना चिंता का विषय हो सकता है। भविष्य में सूरत-चेन्नई इकोनॉमिक कॉरिडोर और समृद्धि महामार्ग जैसे प्रोजेक्ट्स का कंपनी की ग्रोथ पर कैसा असर पड़ता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
